Report: Arvind Chouhan
Gwalior Mobile Snatching Case ग्वालियर शहर में एक शातिर एक्टिवा सवार लुटेरे ने महज 24 घंटे के भीतर तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बैक-टू-बैक मोबाइल स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। इस बेखौफ बदमाश ने बहोड़ापुर, जनकगंज और कोतवाली इलाके में राह चलते लोगों को अपना निशाना बनाया। लगातार हो रही वारदातों से हरकत में आई जनकगंज थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने उसके पास से लूटे गए 6 मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त नीली एक्टिवा जब्त कर ली है।

Gwalior Mobile Snatching Case पुलिस लाइन के सामने से शुरू हुआ लूट का सिलसिला
लूट की पहली वारदात 3 जुलाई की सुबह बहोड़ापुर थाना क्षेत्र में हुई। यहाँ डीआरपी (DRP) लाइन यानी पुलिस लाइन के ठीक सामने स्थित सीएनजी पंप पर मयंक वर्मा अपने पिता के साथ ऑटो में गैस भरवाने के बाद ऑनलाइन पेमेंट कर रहे थे। इसी दौरान नीली रंग की एक्टिवा पर सवार होकर आए बदमाश ने उनके पिता के हाथ से मोबाइल झपटा और रफूचक्कर हो गया। शोर मचाने और पीछा करने के बावजूद आरोपी भागने में सफल रहा।
Gwalior Mobile Snatching Case छात्रा और राहगीर को भी बनाया निशाना
इसके बाद आरोपी ने अगले ही दिन 4 जुलाई की सुबह जनकगंज थाना क्षेत्र की नई सड़क स्थित शिवहरे धर्मशाला के पास बस का इंतजार कर रही कॉलेज छात्रा कृतिका राठौर को निशाना बनाया और उसका फोन छीनकर भाग गया। इस वारदात के महज दो घंटे बाद बदमाश ने कोतवाली थाना क्षेत्र में एलएमबी स्वीट्स के बाहर खड़े मोहना निवासी फैजल खान के हाथ से भी मोबाइल झपट लिया और भीड़भाड़ का फायदा उठाकर रफूचक्कर हो गया।

Gwalior Mobile Snatching Case सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
लगातार तीन लूट की वारदातों से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। जनकगंज थाना पुलिस ने फौरन इलाकों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाले और आरोपी की पहचान रोहित माहौर के रूप में की। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि आरोपी लक्ष्मीगंज मरघट के पास लूटे गए मोबाइलों को बेचने की फिराक में खड़ा है। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और भाग रहे आरोपी को पीछा कर दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ में आरोपी ने पांच लूट की वारदातें स्वीकार की हैं। पुलिस अब अन्य चोरी के मामलों के खुलासे के लिए उससे सघन पूछताछ कर रही है।





