Yogi Cabinet Decisions उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 06 जुलाई 2026 को उनके सरकारी आवास ‘5, कालिदास मार्ग’ पर एक बेहद महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक बदलावों को लेकर कई बड़े नीतिगत निर्णय लिए गए। कैबिनेट बैठक के साथ-साथ अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की आगामी व्यवस्थाओं, सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर भी उच्च स्तरीय समीक्षा की गई।
Yogi Cabinet Decisions जलालाबाद का नाम बदलकर हुआ “परशुरामपुरी”
इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक फैसला शाहजहाँपुर जिले के ‘जलालाबाद’ कस्बे के नाम परिवर्तन को लेकर रहा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए सरकार ने जलालाबाद का नाम बदलकर अब “परशुरामपुरी” करने की मंजूरी दे दी है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जलालाबाद को भगवान परशुराम की पावन जन्मस्थली माना जाता है। इस फैसले के बाद अब इस ऐतिहासिक क्षेत्र को भगवान परशुराम के नाम से एक नई और वैश्विक पहचान मिलेगी।

Yogi Cabinet Decisions राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्थाओं और जवाबदेही पर कड़ा मंथन
Yogi Cabinet Decisions कैबिनेट और ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रमों के बीच मंदिर परिसर की आंतरिक व्यवस्थाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि मंदिर प्रबंधन और निगरानी में कहाँ चूक हुई और विभिन्न सदस्यों को सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा से क्यों नहीं हुआ। इसके साथ ही:
- SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट: सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर एसआईटी (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट पर विस्तार से बातचीत हुई।
- भूमिका और नई नियुक्तियाँ: ट्रस्ट के प्रमुख पदाधिकारियों, चम्पत राय और अनिल मिश्रा की भूमिकाओं की समीक्षा की गई, साथ ही ट्रस्ट में शामिल होने वाले नए संभावित सदस्यों के नामों पर भी मंथन हुआ।
- पारदर्शिता और वित्तीय सहयोग: मंदिर और बैंक के बीच होने वाले एमओयू (MoU) तथा ट्रस्ट के कामकाज को पूरी तरह पारदर्शी (Transparent) बनाने पर बल दिया गया।
Yogi Cabinet Decisions सुरक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर और कर्मियों के लिए नया ड्रेस कोड
अयोध्या राम मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए तकनीकी बदलावों पर भी सहमति बनी है। बैठक में इस बात की रूपरेखा तैयार की गई कि परिसर के भीतर किन संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी सर्विलांस (CCTV Surveillance) और सुरक्षा घेरे को और मजबूत करने की आवश्यकता है। इसके अलावा, मंदिर परिसर में तैनात रहने वाले सभी कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों के लिए एक विशिष्ट और गरिमामयी ड्रेस कोड (Dress Code) लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि परिसर की पवित्रता और अनुशासन बना रहे।





