Jamtara : नारायणपुर में किसानों के हक में बीजेपी का बड़ा प्रदर्शन: ओलावृष्टि से हुए नुकसान के खिलाफ 12 सूत्री मांगों को लेकर धरना

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Report: Ratan kumar

Jamtara झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड मुख्यालय में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) द्वारा किसानों के समर्थन में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और भारी ओलावृष्टि के कारण बर्बाद हुई फसलों के मुआवजे तथा किसानों के हितों से जुड़ी 12 सूत्री मांगों को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय किसानों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में अन्नदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लेकर अपनी आवाज बुलंद की।

Jamtara इस धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता नारायणपुर मंडल अध्यक्ष बलदेव मुर्मू ने की, जबकि मंच का संचालन पविया मंडल अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कुदरत की मार से किसान पहले ही आर्थिक संकट में हैं, और सरकार की बेरुखी उनकी मुश्किलों को और बढ़ा रही है।

Jamtara फसलों के नुकसान के लिए तुरंत उचित मुआवजे की मांग

धरने को संबोधित करते हुए जिला महामंत्री कमलेश मंडल, जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल और जिला परिषद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि महेंद्र मंडल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया है। वक्ताओं ने राज्य सरकार से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तुरंत आकलन कराकर पीड़ित किसानों को अविलंब राहत राशि और उचित मुआवजा दिया जाए।

Jamtara धान के समर्थन मूल्य और कृषि सब्सिडी पर विशेष जोर

बीजेपी नेताओं ने कृषि व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वित्तीय सुधारों की वकालत की। उन्होंने मांग रखी कि धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाकर 3,200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए और किसानों का जो भी बकाया भुगतान है, उसे बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए। इसके साथ ही, खेती के सीजन को देखते हुए किसानों को सब्सिडी दर पर उन्नत खाद, बीज और आधुनिक कृषि उपकरण समय पर उपलब्ध कराने की जरूरत पर बल दिया गया।

Jamtara ‘मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना’ को दोबारा चालू करने की वकालत

मंच से पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना’ को राज्य में फिर से बहाल करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। नेताओं ने कहा कि वर्तमान सरकार की 2 लाख रुपये तक की ऋण माफी योजना में इतनी जटिलताएं हैं कि पात्र किसान भी इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं, इन बाधाओं को तुरंत दूर किया जाना चाहिए। इसके अलावा, वक्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर करते हुए कहा कि राज्य में कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग यूनिट्स की भारी कमी है, जिसके कारण किसानों की फसलें बर्बाद हो जाती हैं।

Jamtara भाजपा के प्रदर्शन में उठीं प्रमुख 12 सूत्री मांगें:

  • धान का एमएसपी: धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,200 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
  • मुआवजा: ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत राशि मिले।
  • मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना: भाजपा शासनकाल की इस किसान कल्याणकारी योजना को पुनः शुरू किया जाए।
  • ऋण माफी: 2 लाख रुपये तक के कृषि लोन माफी की प्रक्रिया को सरल बनाकर सभी पात्र किसानों को लाभ दिया जाए।
  • बुनियादी ढांचा: राज्य के सभी क्षेत्रों में समुचित सिंचाई व्यवस्था, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग इकाइयों का निर्माण हो।
  • बीमा योजनाएं: फसल और पशुधन बीमा की तकनीकी बाधाओं को दूर कर इसे पारदर्शी बनाया जाए।
  • रियायतें: किसानों को खेती के लिए निःशुल्क व निर्बाध बिजली दी जाए तथा 450 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए।

धरना प्रदर्शन के अंत में वरिष्ठ नेताओं (संजय मंडल, सुशील पोद्दार, दीपक सिंह, जावेद अंसारी एवं निमाई सेन) ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को पूरे जिले और राज्य स्तर पर और अधिक उग्र किया जाएगा।

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