REPORT BY : AJAY NIGAM
Tribal Development : भोपाल में तकनीकी आधारित जनजातीय विकास कार्यशाला का शुभारंभ
Tribal Development : भोपाल के आदि भवन में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत तकनीकी आधारित सतत जनजाति विकास अवधारणा पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह और प्रदेशभर से आए विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

Tribal Development : प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों से जनजातीय समाज को मिला लाभ
मंत्री डॉ. विजय शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय समाज की समस्याओं को समझते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई प्रभावी योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान जैसी पहलें जनजातीय समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
Tribal Development : गांवों में जाकर समझें जनजातीय समाज की जरूरतें
डॉ. शाह ने अधिकारियों से कहा कि वे गांवों और वनवासी क्षेत्रों में जाकर जनजातीय समाज के जीवन को करीब से समझें। उन्होंने कहा कि जमीनी अनुभव के आधार पर योजनाओं को लागू करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे। मंत्री ने बताया कि “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत 18 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ शिविरों के माध्यम से जनजातीय ग्रामीणों तक पहुंचाया जा रहा है।

Tribal Development : शिक्षा और पेयजल सुविधाओं पर विशेष फोकस
मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों के बच्चों को 50 हजार पानी की बोतलें वितरित करवाई हैं। साथ ही 150 ग्राम पंचायतों में वॉटर कूलर और आरओ सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि हर गांव और स्कूल में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों की छात्राएं उच्च शिक्षा के लिए शहर जाने में असुविधा महसूस करती थीं। इसे देखते हुए उनके क्षेत्र में चार बसों का संचालन शुरू किया गया, जिससे कॉलेज जाने वाली छात्राओं की संख्या 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत तक पहुंच गई।
Tribal Development : तकनीक और AI से बदलेगा जनजातीय विकास मॉडल
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, GIS और सुदूर संवेदन तकनीक के जरिए जनजातीय विकास के नए मॉडल पर चर्चा की। मैनिट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संयम शुक्ला ने आजीविका और रोजगार में AI के उपयोग पर जानकारी दी। वहीं IISER के डॉ. कुमार गौरव ने सतत जनजातीय विकास में GIS और उपग्रह तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला।

Tribal Development : स्वास्थ्य और कृषि में भी AI का उपयोग
कार्यशाला के दूसरे सत्र में ट्राइफेड की आईएएस अधिकारी प्रीति मैथिल ने जनजातीय आजीविका और उद्यमिता विकास पर संबोधित किया। IIIT के विशेषज्ञों ने कृषि और स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विस्तार से जानकारी साझा की।विशेषज्ञों ने बताया कि AI आधारित तकनीक से खेती, स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं, जिससे जनजातीय समाज के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव आएगा।
READ MORE : Manav Suthar : 129 विकेट और 3 बार 10 विकेट हॉल, जानें कौन हैं टीम इंडिया में चुने गए युवा स्पिनर मानव सुथार

