SCO Summit: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO का 26वां शिखर सम्मेलन चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अहम बैठक में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान पहुंचे हैं। सम्मेलन में दुनिया की मौजूदा परिस्थितियों, क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक शांति जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन और भारत के रुख पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें टिकी हुई हैं।
SCO सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान समेत कई देशों के प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं। बैठक से पहले सभी प्रमुख नेताओं की ग्रुप फोटोग्राफी भी हुई। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है।
SCO Summit: ग्रुप फोटो के बाद पीएम मोदी और जिनपिंग की बातचीत
#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: Prime Minister Narendra Modi interacts with Chinese President Xi Jinping as they participate in the 26th SCO Summit.
— ANI (@ANI) September 1, 2026
(Source: Host Broadcaster via Reuters) pic.twitter.com/0I1khkxtum
बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने नजर आए। दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद इसे खास तौर पर देखा जा रहा है।
भारत और चीन के संबंधों को देखते हुए दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की किसी भी मुलाकात पर स्वाभाविक रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहती है। SCO जैसे बहुपक्षीय मंच पर मोदी और जिनपिंग की यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब वैश्विक स्तर पर कई अहम भू-राजनीतिक घटनाक्रम चल रहे हैं।
SCO Summit: SCO की बैठक में पीएम मोदी का संबोधन अहम
SCO सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैश्विक परिस्थितियों और भारत की प्राथमिकताओं को लेकर अपना पक्ष रख सकते हैं। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे संघर्ष, सुरक्षा चुनौतियों और आर्थिक अस्थिरता के बीच भारत के रुख को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी लगातार वैश्विक मंचों से शांति, संवाद और सहयोग की जरूरत पर जोर देते रहे हैं। ऐसे में बिश्केक में होने वाली उनकी बातों पर भारत के साथ-साथ अन्य देशों की भी नजरें हैं।
SCO Summit: SCO की 25वीं सालगिरह पर हो रहा सम्मेलन
इस बार का SCO शिखर सम्मेलन संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। शंघाई सहयोग संगठन क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबला, आर्थिक सहयोग और सदस्य देशों के बीच संबंध मजबूत करने जैसे मुद्दों पर काम करता है।
भारत वर्ष 2017 में SCO का पूर्ण सदस्य बना था। इसके बाद से भारत इस संगठन के मंच का इस्तेमाल क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपनी स्थिति रखने के लिए करता रहा है। बिश्केक में हो रही बैठक भी इसी लिहाज से भारत के लिए महत्वपूर्ण है।
SCO Summit: पुतिन से भी पीएम मोदी की अहम मुलाकात
SCO सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच मुलाकात के दौरान गर्मजोशी देखने को मिली। इसके बाद दोनों एक ही कार से नोमैड गेम्स में हिस्सा लेने के लिए रवाना हुए।
पिछले करीब नौ महीनों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की यह दूसरी मुलाकात बताई जा रही है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक शांति का मुद्दा भी प्रमुख रहा।
SCO Summit: पीएम मोदी ने युद्ध खत्म करने पर दिया जोर
राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया में लंबे समय से चल रहे युद्धों को समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास और वैश्विक समृद्धि के लिए दुनिया में शांति का माहौल जरूरी है।
प्रधानमंत्री मोदी ने युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति को रास्ता बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बम और बंदूक के जरिए स्थायी समाधान हासिल नहीं किया जा सकता। उनके संदेश को रूस-यूक्रेन संघर्ष के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना गया।
SCO Summit: BRICS सम्मेलन के लिए पुतिन को न्योता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को इसी महीने भारत में प्रस्तावित BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। भारत BRICS के मंच पर वैश्विक दक्षिण, आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देता रहा है।
पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और रूस के बीच लंबे समय से रणनीतिक और आर्थिक सहयोग के संबंध रहे हैं।
SCO Summit: वैश्विक शांति और आर्थिक विकास पर भारत का जोर
प्रधानमंत्री मोदी का लगातार यह रुख रहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए शांतिपूर्ण अंतरराष्ट्रीय वातावरण जरूरी है। मौजूदा समय में कई क्षेत्रों में तनाव और संघर्ष की स्थिति के बीच भारत खुद को संवाद और कूटनीति के समर्थक के रूप में पेश करता रहा है।
SCO सम्मेलन में भी भारत की कोशिश क्षेत्रीय स्थिरता, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग, आर्थिक संपर्क और सदस्य देशों के बीच आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहने की उम्मीद है।
SCO Summit: पीएम मोदी के संबोधन पर टिकी दुनिया की नजर
बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें भारत वैश्विक परिस्थितियों पर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर सकता है। एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष तथा दूसरी तरफ विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं।
ऐसे माहौल में भारत की ओर से शांति, संवाद, सहयोग और विकास को लेकर दिया जाने वाला संदेश महत्वपूर्ण होगा। SCO सम्मेलन में पीएम मोदी की जिनपिंग और पुतिन समेत अन्य नेताओं के साथ मुलाकातों पर भी आगे की कूटनीतिक गतिविधियों के लिहाज से नजर बनी हुई है।


