India Russia Relations : बिश्केक। किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम मुलाकात हुई। करीब 10 मिनट चली इस बैठक में दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया और गले मिले। बैठक में भारत-रूस संबंधों के साथ यूक्रेन युद्ध और मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कहा कि दुनिया को लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों से बाहर निकलकर युद्ध समाप्त करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भारत शांतिपूर्ण समाधान के लिए किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि विवादों का समाधान बातचीत और कूटनीतिक तरीकों से किया जाना मानवता के हित में है।
India Russia Relations : पुतिन को BRICS सम्मेलन का निमंत्रण
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को भारत में होने वाले आगामी BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का न्योता दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत कुछ ही समय बाद BRICS बैठक की मेजबानी करेगा और भारतीय पक्ष रूसी राष्ट्रपति तथा उनके प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए उत्सुक है।

India Russia Relations : भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाई देने पर जोर
राष्ट्रपति पुतिन ने भारत और रूस के रिश्तों को विशेष और भरोसेमंद साझेदारी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, संस्कृति, शिक्षा और लोगों के बीच संपर्क लगातार बढ़ रहा है। पुतिन के अनुसार रूस में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बढ़कर करीब 40 हजार हो गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी भारत-रूस सहयोग को लेकर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों पक्ष राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देते हुए अपने सहयोग को आगे बढ़ा रहे हैं।
Always a delight to meet President Putin. Sharing my remarks during our meeting in Bishkek.
— Narendra Modi (@narendramodi) August 31, 2026
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India Russia Relations : एक ही कार से पहुंचे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में
द्विपक्षीय मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन एक ही कार में सवार होकर छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में पहुंचे। दोनों नेताओं की साथ मौजूदगी ने भारत और रूस के बीच रिश्तों की गर्मजोशी को भी प्रदर्शित किया।
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान, आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पशिन्यान और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर जपारोव सहित कई नेताओं से भी द्विपक्षीय बातचीत की। इन मुलाकातों में आपसी सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
किर्गिस्तान में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और ईरान समेत संगठन के सदस्य देशों के शीर्ष नेता हिस्सा ले रहे हैं। ऐसे में मोदी-पुतिन की बैठक को भारत-रूस रणनीतिक संबंधों और वैश्विक शांति के मुद्दे पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
संपादकीय नजरिया
भारत और रूस के रिश्ते केवल कूटनीतिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दशकों के भरोसे, रणनीतिक सहयोग और साझा हितों पर आधारित हैं। बदलती वैश्विक परिस्थितियों और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात इस साझेदारी की अहमियत को रेखांकित करती है।
रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, परमाणु सहयोग और व्यापार जैसे क्षेत्रों में रूस भारत का महत्वपूर्ण साझेदार रहा है। हालांकि आज की दुनिया में किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता के बजाय भारत की नीति विविध साझेदारियों को मजबूत करने की है। रूस के साथ संबंध इसी रणनीतिक स्वायत्तता का हिस्सा हैं।
यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भारत ने लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। यही भारत की विदेश नीति की ताकत है—दोस्ती निभाना, लेकिन अपने राष्ट्रीय हितों और शांति के सिद्धांतों को सर्वोच्च रखना। आने वाले समय में भारत-रूस संबंधों को नई तकनीक, व्यापार और ऊर्जा सहयोग से और मजबूत करना दोनों देशों के हित में होगा।
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