Pak PMO : बिश्केक, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई एक तस्वीर विवादों में आ गई है। आरोप है कि पाकिस्तान PMO ने सम्मेलन की वास्तविक ग्रुप फोटो को एडिट कर उसमें से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कुछ नेताओं को हटा दिया।
मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान PMO की पोस्ट को लेकर सवाल उठने लगे। खास बात यह है कि बाद में पाकिस्तान की ओर से एक दूसरी तस्वीर साझा की गई, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी भी दिखाई दे रहे हैं।

Pak PMO : मूल तस्वीर में 12 नेता, एडिटेड फोटो में सिर्फ 6
बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान आयोजित फोटो सेशन में सदस्य देशों के कई राष्ट्राध्यक्ष और शासनाध्यक्ष एक साथ नजर आए थे। मूल तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत करीब 12 नेता मौजूद थे।
पाकिस्तान PMO की ओर से पहले साझा की गई तस्वीर में हालांकि केवल छह नेता दिखाई दिए। आरोप है कि एडिटिंग के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान और कुछ अन्य नेताओं को भी तस्वीर से हटा दिया गया।
इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तान सरकार की आलोचना शुरू हो गई।

Pak PMO : छह घंटे बाद पाकिस्तान PMO ने दूसरी तस्वीर पोस्ट की
विवाद बढ़ने के करीब छह घंटे बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने SCO की एक अन्य तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी नजर आए।
दूसरी ओर, भारतीय प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी SCO सम्मेलन की ग्रुप फोटो साझा की गई, जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत अन्य नेता मौजूद थे।
इस घटनाक्रम ने दोनों देशों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा की जा रही आधिकारिक तस्वीरों को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
Pak PMO : SCO मंच पर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाया
SCO सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया।
शहबाज शरीफ ने कहा कि साझा जल संसाधनों को राजनीतिक दबाव के साधन के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जल समझौतों को लेकर कहा कि किसी भी देश को अपनी सुविधा के अनुसार ऐसे समझौतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत सिंधु जल संधि से जुड़े विवादों को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के रुख का विरोध करता रहा है।
Pak PMO : अचानक हुई मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भी अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की।
बताया गया कि दोनों नेताओं के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से निर्धारित नहीं थी। मुलाकात के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ दिखाई दिए।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत और चीन के बीच सीमा से जुड़े मुद्दों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया पर भी नजर बनी हुई है।
Pak PMO : आतंकवाद पर पीएम मोदी का पाकिस्तान को संदेश
SCO सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक और निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल आतंकियों को पकड़ने या उन्हें खत्म करने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। इसके पीछे काम करने वाले पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई जरूरी है। आतंकवाद के लिए धन उपलब्ध कराने, लोगों की भर्ती करने और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने देने वाले तंत्र को भी समाप्त करना होगा। उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे रवैये से बचने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि किसी एक देश के लिए आतंकवाद गलत और दूसरे के लिए सही नहीं हो सकता। इस समस्या से निपटने के लिए सभी देशों को एक समान और स्पष्ट नीति अपनानी होगी।
Pak PMO : युद्ध नहीं, बातचीत से समाधान पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध के बजाय बातचीत और कूटनीति के जरिए तलाशा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय संघर्षों का प्रभाव केवल संबंधित देशों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका असर दुनिया के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंचता है।
Pak PMO : SCO को सभ्यताओं और संस्कृतियों को जोड़ने वाला मंच बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने SCO को केवल राजनीतिक और आर्थिक सहयोग का मंच नहीं बताया, बल्कि अलग-अलग देशों की सभ्यताओं, संस्कृतियों और विचारों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण माध्यम भी बताया। उन्होंने संगठन के सदस्य देशों के बीच सहयोग और संवाद को मजबूत करने पर जोर दिया।
Pak PMO : SCO सम्मेलन की तस्वीरों पर विवाद से लेकर मोदी-जिनपिंग मुलाकात तक
बिश्केक में चल रहे SCO सम्मेलन के दौरान जहां आतंकवाद, क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दे चर्चा में रहे, वहीं पाकिस्तान PMO की कथित एडिटेड तस्वीर ने भी राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी।
एक ओर पाकिस्तान की ओर से साझा की गई पहली तस्वीर में प्रधानमंत्री मोदी दिखाई नहीं दिए, वहीं बाद में पोस्ट की गई तस्वीर में उनकी मौजूदगी नजर आई। अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पहली तस्वीर को एडिट करने की जरूरत क्यों पड़ी और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से ऐसी तस्वीर कैसे साझा हुई।
संपादकीय नजरिया
पाकिस्तान की ओर से SCO जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच की तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाकर साझा करना सिर्फ एक तस्वीर का विवाद नहीं, बल्कि उसकी संकीर्ण मानसिकता और भारत के प्रति पूर्वाग्रह को दर्शाता है। कूटनीति के मंच पर मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक असहमति को इस तरह की हरकतों तक ले जाना किसी जिम्मेदार राष्ट्र की छवि के अनुरूप नहीं है। भारत को ऐसी घटनाओं पर उत्तेजना के बजाय संयम और तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी किसी तस्वीर की मोहताज नहीं है; भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और मजबूत कूटनीतिक उपस्थिति स्वयं इसका प्रमाण है। पाकिस्तान को भी समझना होगा कि नफरत और तस्वीरों की एडिटिंग से वास्तविकता नहीं बदलती। दक्षिण एशिया को टकराव नहीं, संवाद और सहयोग की जरूरत है। पाकिस्तान यदि भारत से स्वस्थ संबंध चाहता है तो उसे नफरत की राजनीति छोड़कर परिपक्व कूटनीति का रास्ता अपनाना होगा।


