Bhopal Liquor Shops : क्या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की हो रही अनदेखी ?शिकायत पर होती है नियामानुसार कार्रवाई- कलेक्टर
Bhopal Liquor Shops : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई सोमवार से तेज कर दी। शहर के कई क्षेत्रों में निगम ने 100 से ज्यादा दुकानें और व्यावसायिक संस्थान बंद कराए। जिसके विरोध में अब व्यापारी शहर की सड़कों पर उतर आए हैं, जमकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कार्रवाई रोकने के लिये सरकार से गुहार लगाई जा रही है। लेकिन इस सबके बीच सबसे बड़ा सवाल राजधानी के रिहायशी इलाकों में नियम विरुद्ध चल रहीं शराब दुकानों पर एक्शन को लेकर है। दरअसल भोपाल के रिहायशी व रहवासी इलाकों में नियमों के विरुद्ध संचालित शराब दुकानों के खिलाफ स्थानीय लोग लगातार विरोध प्रदर्शन करते हैं। लेकिन उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक नहीं पहुंचती। राजधानी के कई रिहायशी और संवेदनशील इलाके मालवीय नगर, अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, अवधपुरी, पिपलानी क्षेत्र में नियमों के विरुद्ध संचालित शराब दुकानों के खिलाफ प्रदर्शन होते रहते हैं। अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा और ऋषिपुरम में मंदिर व शैक्षणिक संस्थानों के बेहद करीब शराब दुकानें खोलने पर स्थानीय लोगों ने कड़ा विरोध जताया है। भोपाल के पॉलीटेक्निक चौराहे की शराब दुकान को लेकर बीते दिनों छात्राओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था और सुरक्षा की मांग उठाई थी।
Bhopal Liquor Shops : आवासीय और रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध संचालित शराब दुकानों को लेकर स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऐसे क्षेत्रों में शराब दुकानों के संचालन से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा था कि रिहायशी क्षेत्र में ऐसे स्थान पर शराब का कारोबार जारी नहीं रह सकता, जहां भूमि का उपयोग आवासीय है। ऐसे में सवाल यही है कि आखिर रिहायशी इलाकों में नियमों के विरुद्ध शराब दुकानें कैसे संचालित हो रही हैं ? क्या जिम्मेदार विभाग इन शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करेगा ? और सबसे बड़ी बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रहवासी इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई पर तो एक्शन है लेकिन शराब दुकानों के लेकर जो सुप्रीम कोर्ट के निर्देश हैं, उन पर विभाग आखिर गंभीरता क्यों नहीं दिखाते।वहीं भोपाल के रिहायसी क्षेत्रों में नियम विरुद्ध संचालित शराब दुकानों को लेकर कलेक्टर प्रियंक मिश्रा का कहना है कि शराब दुकानों का आवंटन सरकार की आबकारी नीति के तहत किया जाता है। लेकिन कहीं शिकायत मिलती है, तो नियम अनुसार कार्रवाई की जाती है।
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