Haldwani Shuddhikaran Controversy : शुद्धिकरण नहीं,अनुष्ठान और स्वच्छता अभियान हुआ ,तीखी तकरार, आगामी चुनाव में कितनी असरदार ?
Haldwani Shuddhikaran Controversy : उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर दर्ज एफआईआर (FIR) को लेकर उत्तर प्रदेश समेत देश भर की सियासत गरमा गई है। उत्तराखंड में हल्द्वानी के रामलीला मैदान से शुरू हुआ कथित शुद्धिकरण विवाद अब उत्तराखंड की स्थानीय राजनीति तक सीमित नहीं रहा…कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद हुए धार्मिक अनुष्ठान को लेकर राहुल गांधी ने सवाल उठाए और इसे दलित सम्मान तथा छुआछूत के मुद्दे से जोड़ा. अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद इस विवाद ने कानूनी रूप के साथ-साथ बड़ा राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है…ऐसे में बड़ा सवाल है की FIR के बाद अब आगे क्या ? कांग्रेस और बीजेपी दोनों के लिए आगे की राह अब क्या होगी और दलित अपमान से जुड़ा मुद्दा आगामी चुनाव में कितना असर दिखायेगा ? इसी पर करेंगे चर्चा उससे पहले देखिये ये रिपोर्ट |
Haldwani Shuddhikaran Controversy : लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला। दरअसल राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में उस स्थल पर हुए ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम का जिक्र किया था, जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक रैली को संबोधित किया था। कांग्रेस ने कहा कि इस घटना में शामिल भाजपा नेताओं के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा चलाने की मांग को लेकर पार्टी कार्यकर्ता सोमवार शाम देशभर में सड़कों पर उतरेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा इस मामले का राजनीतिकरण कर रही है, जबकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, राहुल गांधी जी की उस साहसिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले ही दिन जिसमें उन्होंने खड़गे की रैली के बाद हुए ‘शुद्धिकरण’ के मामले में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की थी, उत्तराखंड पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। यह ठीक वैसा ही है जैसे दोषी व्यक्ति ही दूसरों पर दोष मढ़ने लगे।” कांग्रेस राहुल गांधी पर FIR को लेकर नाराज है और सरकार पर जमकर हमलावर भी…
Haldwani Shuddhikaran Controversy : उधर पुलिस ने बताया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धाराएं भी इसमें शामिल की गई हैं। जवाहर नगर निवासी और श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास के सदस्य अमित कुमार ने हल्द्वानी पुलिस स्टेशन में दर्ज अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वे “अनुष्ठान और स्वच्छता अभियान” के दौरान उपस्थित थे। 29 अगस्त को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी की टिप्पणियों से समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची है। अमित कुमार ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस अनुष्ठान से जुड़े लोगों को “अस्पृश्यता” का अभ्यास करने वाले और “दलित विरोधी” के रूप में चित्रित किया। अपनी शिकायत में अमित कुमार ने दावा किया कि वह अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखते हैं और अनुसूचित जाति के सदस्यों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इस अनुष्ठान में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि इस समारोह का खरगे की जाति से कोई संबंध नहीं है। इस पूरे मामले में भाजपा ने कांग्रेस पर जाति आधारित राजनीतिक एजेंडा चलाने और समाज को बांटने का आरोप लगाया है। जबकि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा था, बीजेपी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती है, यह सभी के लिए दुखद और खेद का विषय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह के मामलों का समर्थन नहीं करती है. और पार्टी इसकी तहकीकात करेगी….
Haldwani Shuddhikaran Controversy : अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या FIR के बाद राहुल गांधी इस मुद्दे पर पीछे हटेंगे या फिर कांग्रेस इसे और आक्रामक तरीके से उठाएगी? क्योंकि अब यह विवाद केवल हल्द्वानी की एक घटना नहीं, बल्कि दलित राजनीति, सामाजिक न्याय और बीजेपी-कांग्रेस के बीच नैरेटिव की लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है..जो दलित सम्मान और सामाजिक न्याय की राजनीति में राष्ट्रीय स्तर पर असर डाल सकती है…हालांकि कांग्रेस के सामने चुनौती भी है. किसी एक घटना के आधार पर पूरे दलित समाज की राजनीतिक प्रतिक्रिया तय नहीं की जा सकती. असली सवाल यह होगा कि क्या दलित समाज कांग्रेस की इस व्याख्या को स्वीकार करता है या बीजेपी यह स्थापित करने में सफल रहती है कि धार्मिक आयोजन को राजनीतिक लाभ के लिए जाति से जोड़ा गया….बहहाल अब यह मामला कानूनी और राजनीतिक, दोनों स्तरों पर आगे बढ़ेगा. कानूनी स्तर पर FIR में लगाए गए आरोपों की जांच होगी. अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल इतना तय है कि हल्द्वानी से शुरू हुआ यह विवाद अब केवल स्थानीय राजनीति की खबर नहीं है. आने वाले दिनों में राहुल गांधी की रणनीति, कांग्रेस की अगली राजनीतिक चाल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जवाबी राजनीति तय करेगी कि यह मामला FIR तक सीमित रहता है या चुनावी राजनीति में लंबे समय तक गूंजता है….
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