Jairam Ramesh: कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने हाल ही में जारी तिमाही सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से इन आंकड़ों को पेश किया जा रहा है, उससे देश की अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने नहीं आती। रमेश ने GDP के लिए नया अर्थ बताते हुए इसे ‘ग्रेटली डिस्टॉर्टेड पिक्चर’ यानी बेहद विकृत तस्वीर करार दिया।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि आर्थिक विकास के आंकड़ों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने निजी निवेश, उपभोक्ता भरोसे, महंगाई, रोजगार और घरेलू बचत जैसे मुद्दों को उठाते हुए केंद्र की आर्थिक नीतियों पर सवाल खड़े किए।
Jairam Ramesh: शिक्षित बेरोजगारी और महंगाई को लेकर जयराम रमेश का हमला
जयराम रमेश ने कहा कि तिमाही GDP के आंकड़े घरेलू और विदेशी, दोनों स्तरों पर निजी निवेश को लेकर बनी कमजोर धारणा को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाते हैं। उनके मुताबिक अर्थव्यवस्था में निवेश का माहौल और उपभोक्ताओं का भरोसा चिंता का विषय बना हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि उपभोक्ता भरोसे में नवंबर 2025 से लगातार कमजोरी देखने को मिल रही है। रमेश ने रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि महंगाई का दबाव आम लोगों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर रहा है, जबकि शिक्षित बेरोजगारी का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है।
Jairam Ramesh: चीन के साथ व्यापार घाटे पर भी केंद्र को घेरा
कांग्रेस महासचिव ने चीन के साथ भारत के लगातार बने हुए व्यापार घाटे को लेकर भी चिंता जाहिर की। उन्होंने इसे अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह स्थिति बताया और देश की व्यापार व्यवस्था से जुड़े सवाल उठाए।
रमेश ने कुछ बड़े कारोबारी समूहों के प्रमुख क्षेत्रों में बढ़ते प्रभाव को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप है कि कुछ बड़े कारोबारी समूहों को लगातार बढ़ावा दिए जाने से अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
Jairam Ramesh: अमीर परिवारों की संपत्ति और वास्तविक मजदूरी का मुद्दा उठाया
जयराम रमेश ने आर्थिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश के पांच सबसे अमीर परिवारों की संपत्ति में करीब 400 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि वेतनभोगी कर्मचारियों की वास्तविक मजदूरी में गिरावट आई है।
उन्होंने घरेलू बचत दर में कमी और लोगों के बढ़ते कर्ज को भी अर्थव्यवस्था के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों में शामिल किया। रमेश के मुताबिक आर्थिक विकास का आकलन केवल GDP के आंकड़ों से नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि रोजगार, आय, बचत और आम लोगों की आर्थिक स्थिति जैसे पहलुओं को भी देखा जाना चाहिए।
Jairam Ramesh: GDP आंकड़ों को लेकर पीएम मोदी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर GDP के आंकड़ों को लेकर समय से पहले जश्न मनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रही है, जबकि उनके मुताबिक अर्थव्यवस्था के दूसरे संकेतक अलग तस्वीर दिखाते हैं।
जयराम रमेश ने कहा कि GDP के आंकड़ों के साथ रोजगार, महंगाई, निजी निवेश, घरेलू बचत और आम लोगों की क्रय शक्ति जैसे मुद्दों पर भी ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आर्थिक स्थिति को व्यापक नजरिए से देखने की मांग करते हुए अपनी आलोचना दोहराई।
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