BY: Yoganand Shrivastva
Indian Economy धनतेरस के अवसर पर इस बार देशभर के बाजारों में रिकॉर्ड खरीदारी होने की उम्मीद है। सोना-चांदी, आभूषण, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य घरेलू सामानों की मांग के चलते कारोबार का आंकड़ा एक लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच सकता है। व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के शुरुआती अनुमान के अनुसार, शुक्रवार को धनतेरस पर देशभर में 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार हो सकता है। इसमें अकेले सोने और चांदी की बिक्री 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रहने की संभावना जताई गई है।
खास बात यह है कि सोने-चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर होने के बावजूद बाजार में ग्राहकों का उत्साह बना हुआ है। कारोबारी संगठनों को उम्मीद है कि शुभ खरीदारी की परंपरा और त्योहारी मांग से बाजार में अच्छी रौनक रहेगी।
सोना-चांदी की खरीदारी पर रहेगा सबसे ज्यादा जोर
Indian Economy धनतेरस पर सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते इस दिन आभूषण और कीमती धातुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। CAIT ने सोने-चांदी के कारोबार का अनुमान 60 हजार करोड़ रुपये से अधिक लगाया है। ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन (AIJGF) के मुताबिक, कीमतें बढ़ने के बाद भी इन धातुओं की मांग मजबूत बनी हुई है।
हालांकि, महंगे सोने के चलते ग्राहकों की खरीदारी का तरीका बदला है। अब भारी आभूषणों के बजाय हल्के वजन के गहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे कम बजट में भी लोग धनतेरस पर सोना खरीदने की परंपरा निभा पा रहे हैं।
14 और 18 कैरेट के गहनों के साथ चांदी के उत्पादों की मांग
Indian Economy ज्वेलरी बाजार में इस बार 14 और 18 कैरेट के हल्के सोने के आभूषणों की मांग बढ़ी है। चांदी के सिक्के, सजावटी सामान और मछली, कछुए तथा हाथी जैसी शुभ आकृतियों वाले उत्पाद भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं। कारोबारी मानते हैं कि सोने की ऊंची कीमतों के बीच चांदी और हल्के गहने खरीददारों के लिए बेहतर विकल्प बन रहे हैं।
CAIT के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल देश में पूरे त्योहारी सीजन के दौरान करीब 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार हुआ था। इसमें वस्तुओं की बिक्री से लगभग 5.40 लाख करोड़ रुपये और सेवाओं से करीब 65 हजार करोड़ रुपये की कमाई हुई थी। इस बार त्योहारी सीजन में सेवा क्षेत्र का कारोबार 80 हजार करोड़ से लेकर एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। परिवहन, लॉजिस्टिक्स, होटल, पर्यटन, खानपान और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मेड इन इंडिया उत्पादों से भी बाजार को मिल रहा बढ़ावा
Indian Economy व्यापारियों के संगठन का कहना है कि इस बार स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों की मांग भी बाजार की रफ्तार बढ़ा रही है। ग्राहक ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ से जुड़े उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं। CAIT का शुरुआती अनुमान विभिन्न राज्यों के व्यापारिक संगठनों से मिले आंकड़ों, ग्राहकों की मांग और ग्रामीण व छोटे शहरों के बाजारों में बढ़ती गतिविधियों पर आधारित है।
संगठन के मुताबिक, शुक्रवार को वास्तविक बिक्री और ग्राहकों की प्रतिक्रिया का आकलन करने के बाद कारोबार के विस्तृत आंकड़े जारी किए जाएंगे। यदि अनुमान के मुताबिक खरीदारी होती है, तो धनतेरस का कारोबार देश के व्यापार और अर्थव्यवस्था को त्योहारी सीजन में बड़ा सहारा दे सकता है।


