Agniveer Service Extension: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों को लेकर बड़ा फैसला किया है। अब चार साल की सेवा पूरी करने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों का कार्यकाल दो साल के लिए बढ़ाया जाएगा। सरकार के इस निर्णय के बाद विपक्ष ने सवाल उठाया कि अतिरिक्त दो साल की सेवा पूरी होने पर इन अग्निवीरों का भविष्य क्या होगा? अब रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस फैसले के पीछे सरकार की मंशा स्पष्ट की है। उनके मुताबिक, यह निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि अग्निपथ योजना की शुरुआत के समय से ही इसके पुनर्मूल्यांकन की योजना बनाई गई थी।
रक्षा सचिव ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि अग्निवीरों के प्रदर्शन और सैन्य अभियानों में उनके योगदान को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। सरकार का मानना है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा से अग्निवीरों को अपनी क्षमता साबित करने का अधिक अवसर मिलेगा। वहीं, सशस्त्र सेनाओं को पहले से प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की सेवाएं जारी रखने का विकल्प मिलेगा।
Agniveer Service Extension: अग्निपथ योजना लागू करते समय ही तय था पुनर्मूल्यांकन
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने बताया कि अग्निपथ योजना जून 2022 में लागू की गई थी, तभी यह तय किया गया था कि समय-समय पर योजना की समीक्षा की जाएगी। इसके तहत अग्निवीरों के प्रदर्शन, सैन्य जरूरतों और परिचालन क्षमता का आकलन होना था। चार साल पूरे होने के बाद मिले फीडबैक में अग्निवीरों का प्रदर्शन सकारात्मक पाया गया।
रक्षा सचिव के मुताबिक, अलग-अलग सैन्य अभियानों में अग्निवीरों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उनकी ट्रेनिंग, शारीरिक क्षमता, तकनीकी कौशल और अनुशासन को देखते हुए अतिरिक्त दो साल की सेवा देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने इसे अग्निवीरों और भारतीय सशस्त्र सेनाओं, दोनों के लिए लाभकारी व्यवस्था बताया।
Agniveer Service Extension: दो साल के एक्सटेंशन से अग्निवीरों को क्या फायदा होगा?
सरकार का कहना है कि अतिरिक्त दो साल की सेवा अग्निवीरों को अपनी योग्यता साबित करने का एक और अवसर देगी। चार साल की सेवा के बाद नियमित सैनिक के रूप में चयनित नहीं होने वाले 75 फीसदी अग्निवीरों को अब दो साल का दूसरा सेवा कार्यकाल दिया जाएगा। यह अवधि उनकी शुरुआती चार साल की सेवा के साथ जुड़कर कुल छह साल हो जाएगी।
इस दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन, अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और सैन्य जरूरतों के आधार पर उनका मूल्यांकन किया जाएगा। जो अग्निवीर आगे भी सशस्त्र सेनाओं में काम करना चाहेंगे और निर्धारित चयन मानकों पर खरे उतरेंगे, उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
Agniveer Service Extension: नियमित सैनिक बनने के लिए क्या होंगे नियम?
सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने के बाद अग्निवीरों के लिए नियमित सेवा में शामिल होने का रास्ता उपलब्ध होगा। इसके लिए उनकी इच्छा और निर्धारित चयन मानकों को पूरा करना जरूरी होगा। यानी अतिरिक्त दो साल का कार्यकाल मिलने का मतलब यह नहीं है कि सभी अग्निवीर स्वतः स्थायी सैनिक बन जाएंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, पहले से तय व्यवस्था के तहत शुरुआती चार साल पूरे करने वाले 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल किया जाएगा। बाकी 75 फीसदी को दो साल का दूसरा सेवा कार्यकाल मिलेगा। इसके बाद नियमित सेवा में शामिल होने के लिए उनकी पात्रता और प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
Agniveer Service Extension: सरकार और सेना दोनों के लिए क्यों अहम है फैसला?
रक्षा सचिव ने इस व्यवस्था को दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद बताया। उनके अनुसार, अतिरिक्त दो साल की सेवा से अग्निवीरों को सैन्य क्षेत्र में अपना करियर आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा। वहीं, सेना को ऐसे जवानों की सेवाएं जारी रखने का विकल्प मिलेगा, जिन्हें पहले ही सैन्य प्रशिक्षण दिया जा चुका है और जो सैन्य कार्यप्रणाली से परिचित हैं।
नए जवानों को प्रशिक्षण देने में लगने वाले समय और संसाधनों की तुलना में अनुभवी अग्निवीरों को बनाए रखना सेना के लिए उपयोगी हो सकता है। इस दौरान अग्निवीरों को भी अपनी क्षमता और प्रदर्शन के आधार पर नियमित सेवा में जगह पाने का एक और मौका मिलेगा।
Agniveer Service Extension: दूसरे कार्यकाल में मिलेगा ज्यादा वेतन और सेवा निधि का लाभ
सरकार ने अग्निवीरों के दूसरे सेवा कार्यकाल को पहले से अधिक सुविधाजनक बनाने की भी जानकारी दी है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान उन्हें पहले की तुलना में अधिक पारिश्रमिक दिया जाएगा। इसके साथ ही सेवा निधि पैकेज में बढ़ोतरी और वरिष्ठता से जुड़े लाभ भी दिए जाएंगे।
इस बदलाव का उद्देश्य अतिरिक्त सेवा अवधि को अग्निवीरों के लिए आर्थिक और पेशेवर रूप से बेहतर बनाना है। हालांकि, दूसरे कार्यकाल के दौरान मिलने वाले वास्तविक लाभ और उनकी गणना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
Agniveer Service Extension: सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने दी थी फैसले की जानकारी
बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट के फैसले के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने अग्निवीरों के कार्यकाल में बदलाव की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि चार साल की सेवा पूरी करने वाले 25 फीसदी अग्निवीरों को पहले की व्यवस्था के अनुसार योग्यता के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।
बाकी 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल देने की सशस्त्र सेनाओं ने सिफारिश की थी, जिसे केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। उन्होंने यह भी बताया था कि पिछले चार साल के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन का आकलन किया गया और सेना को उनसे सकारात्मक फीडबैक मिला है।
Agniveer Service Extension: कांग्रेस ने फैसले के समय और अग्निवीरों के भविष्य पर उठाए सवाल
सरकार के इस फैसले पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसे चुनावी हथकंडा बताते हुए पूछा था कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा होने के बाद 75 फीसदी अग्निवीरों का क्या होगा। उन्होंने आशंका जताई कि सेवा अवधि समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में अग्निवीरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है।
विपक्ष का सवाल मुख्य रूप से अग्निवीरों के दीर्घकालिक रोजगार और नियमित सेवा में शामिल होने की संभावनाओं को लेकर है। वहीं, सरकार का कहना है कि दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल के बाद नियमित सैनिक बनने का अवसर मिलेगा, बशर्ते संबंधित अग्निवीर निर्धारित मानकों पर खरे उतरें।
Agniveer Service Extension: पहला बैच रिटायरमेंट के करीब, 18,300 से ज्यादा अग्निवीरों पर असर
सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा पूरी होने वाली थी। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नवंबर से दिसंबर 2026 के बीच 18,300 से ज्यादा अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि समाप्त होने वाली थी।
पहले बैच में तीनों सेनाओं के लिए कुल करीब 24,400 अग्निवीरों की भर्ती हुई थी। इनमें लगभग 19,000 सेना, 2,850 वायुसेना और 2,550 नौसेना के लिए चुने गए थे। पहले से तय नियमों के तहत इनमें से 25 फीसदी को नियमित सेवा में शामिल किए जाने का प्रावधान था। अब बाकी 75 फीसदी को दो साल का अतिरिक्त सेवा कार्यकाल देने का फैसला किया गया है।
Agniveer Service Extension: क्या है अग्निपथ योजना?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में भर्ती के लिए अग्निपथ योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को अग्निवीर के रूप में चार साल के लिए भर्ती किया जाता है। भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा शुरुआती नियमों के अनुसार साढ़े 17 साल से 21 साल थी, जबकि विशेष भर्ती चक्रों में आयु सीमा में छूट भी दी गई थी।
योजना की मूल व्यवस्था के तहत चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 फीसदी अग्निवीरों को योग्यता और संगठन की जरूरत के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाना था। बाकी 75 फीसदी को सेवा से मुक्त किया जाना था। उन्हें सेवा अवधि पूरी होने पर एकमुश्त सेवा निधि पैकेज देने का प्रावधान भी रखा गया था।
Agniveer Service Extension: अग्निवीरों के लिए खुलेंगे रोजगार के दूसरे रास्ते
अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए सेना के बाहर भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, पुलिस भर्ती और अन्य सुरक्षा सेवाओं में अग्निवीरों के लिए आरक्षण, प्राथमिकता या आयु सीमा में छूट जैसे प्रावधानों की घोषणाएं की हैं।
अब दो साल के अतिरिक्त सेवा कार्यकाल के फैसले से अग्निवीरों को सेना में बने रहने और नियमित सैनिक बनने की दिशा में एक और अवसर मिलेगा। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से अग्निवीरों के अनुभव का लाभ रक्षा बलों को मिलेगा और योग्य जवानों के लिए सैन्य सेवा में आगे बढ़ने का रास्ता भी उपलब्ध होगा।
कुल मिलाकर, अग्निपथ योजना में यह बदलाव चार साल की मूल सेवा व्यवस्था के बाद अग्निवीरों को छह साल तक सेना में काम करने का अवसर देता है। हालांकि, नियमित सैनिक के रूप में नियुक्ति के लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और पात्रता पूरी करना जरूरी रहेगा।


