रिपोर्ट: विशाल दुबे
Mahakal Temple विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महाराज अरविंद पुरी जी ने मंदिर में दर्शन के दौरान एक कर्मचारी पर उनके साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। महाराज के अनुसार, घटना आज दोपहर करीब 12:30 बजे की है। उन्होंने मंदिर प्रशासक से शिकायत कर संबंधित कर्मचारी को तत्काल मंदिर से हटाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
दर्शन के दौरान कर्मचारी पर अभद्रता का आरोप
Mahakal Temple महाराज अरविंद पुरी जी आज दोपहर करीब 12:30 बजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान एक कर्मचारी द्वारा उनके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने की बात सामने आई। घटना के बाद महाराज ने मीडिया से बातचीत में अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि महाकाल बाबा केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व के आराध्य हैं। मंदिर में आने वाला हर श्रद्धालु सम्मान का अधिकारी है, चाहे वह वीआईपी हो या सामान्य भक्त।
मंदिर प्रशासक से शिकायत, एक कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग
Mahakal Temple महाराज ने आरोप लगाया कि मंदिर के कुछ कर्मचारियों का संतों के प्रति व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शिकायत सभी कर्मचारियों के खिलाफ नहीं, बल्कि एक विशेष कर्मचारी के व्यवहार को लेकर है। मंदिर प्रशासक से संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने और उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की गई है। महाराज ने उत्तराखंड के मनसा देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां किसी श्रद्धालु की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है, जबकि यहां कर्मचारियों को खुली छूट मिली हुई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो भोपाल से दिल्ली तक उठेगा मामला
Mahakal Temple महाराज अरविंद पुरी जी ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इस मामले को भोपाल से लेकर दिल्ली तक उठाया जाएगा। उन्होंने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आगामी कुंभ में देश-दुनिया से करोड़ों श्रद्धालु और संत उज्जैन पहुंचेंगे। ऐसे में मंदिर कर्मचारियों का व्यवहार इसी तरह रहा तो विवाद की स्थिति बन सकती है और महाकाल मंदिर की छवि प्रभावित हो सकती है। उन्होंने मंदिर प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार करने और संतों के सम्मान को प्राथमिकता देने की मांग की है।


