Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके से बड़े हादसे की खबर सामने आई है। यहां एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस और अन्य राहत एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। अब तक इस हादसे में दो लोगों की मौत होने की खबर है, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में करीब 15 लोगों के फंसे होने की आशंका है।
Delhi: चावड़ी बाजार में अचानक ढही तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत
दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक गिर गई। इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में धूल का गुबार फैल गया और लोग दहशत में अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इमारत में निर्माण कार्य चल रहा था। इसके गिरने से वहां मौजूद लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई गई है। घटना की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की कई गाड़ियों को मौके पर रवाना किया गया। राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं।
Delhi: हादसे में अब तक दो लोगों की मौत, एक घायल
इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की सूचना सामने आई है, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। घायल को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है। हालांकि, मलबे में और भी लोगों के दबे होने की आशंका के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
हादसे वाली जगह की गलियां काफी संकरी हैं। इस वजह से राहत एवं बचाव कार्य में टीमों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। भारी मशीनों और बचाव वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचाने में भी परेशानी हो सकती है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
Delhi: मलबे में 15 लोगों के फंसे होने की आशंका
दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारियों के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना मिली थी। शुरुआती जानकारी में कम से कम 15 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि हादसे में कई लोग घायल भी हुए हैं।
घटनास्थल पर कम से कम छह दमकल गाड़ियों को भेजा गया है। इनमें पानी के टैंकर और राहत-बचाव से जुड़े वाहन भी शामिल हैं। वरिष्ठ अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। बचाव कार्य में दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, MCD और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें जुटी हुई हैं।
Delhi: प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे हुआ हादसा
घटना के एक प्रत्यक्षदर्शी मोहम्मद नईम ने हादसे के समय की जानकारी साझा की। उनके मुताबिक, यह घटना सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच हुई। उस वक्त आसपास के लोग अपने घरों में सो रहे थे। अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
नईम ने बताया कि शुरुआत में लोगों को लगा कि आसपास का कोई अपना मकान गिर गया है। लेकिन बाहर आने पर पता चला कि पास में निर्माणाधीन इमारत ढह गई है। उन्होंने बताया कि इमारत में तीन से चार लिंटल यानी छत के हिस्से डाले जा चुके थे, जो एक साथ नीचे गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घायल मजदूरों में से एक ने बताया कि हादसे के समय निर्माणाधीन इमारत में तीन से चार लोग मौजूद थे। स्थानीय लोगों ने मलबे से एक शव को बाहर निकलते हुए भी देखा। बताया जा रहा है कि इस इमारत का निर्माण पिछले तीन से चार महीनों से किया जा रहा था।
Delhi: पार्षद राफिया माहिर ने अवैध निर्माण को लेकर उठाए सवाल
चावड़ी बाजार में हुए इस हादसे के बाद स्थानीय पार्षद राफिया माहिर ने इलाके में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध निर्माण का मुद्दा कई बार नगर निगम की बैठकों और सदन में उठाया गया था, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
पार्षद के मुताबिक, उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी की बैठकों के साथ-साथ सदन में भी इस समस्या को लेकर आवाज उठाई थी। उनका आरोप है कि इलाके में लगातार अवैध निर्माण हो रहा है और इस पर रोक लगाने की मांग के बावजूद मेयर तथा स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष ने पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस तरह के निर्माण पर कार्रवाई की जाती, तो शायद आज ऐसी घटना नहीं होती। हालांकि, इमारत गिरने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Delhi: MCD के जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर सस्पेंड
चावड़ी बाजार में इमारत गिरने की घटना के बाद दिल्ली नगर निगम ने कार्रवाई की है। हादसे के सिलसिले में MCD के जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है।
इस कार्रवाई को निर्माण कार्य की निगरानी और संबंधित जिम्मेदारियों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है। हादसे के बाद इलाके में निर्माण संबंधी नियमों के पालन और संभावित लापरवाही को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल प्रशासन का मुख्य जोर राहत एवं बचाव अभियान पूरा करने और हादसे के कारणों का पता लगाने पर है।
Delhi: पहले भी दिल्ली में सामने आ चुका है इमारत झुकने का मामला
दिल्ली में इमारतों की सुरक्षा को लेकर पहले भी चिंता सामने आती रही है। इससे पहले सितंबर में गांधी नगर इलाके में एक चार मंजिला इमारत के अचानक झुकने की घटना हुई थी। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पूरी बिल्डिंग खाली करा ली थी।
अब चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत गिरने से एक बार फिर पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में निर्माण कार्यों की निगरानी तथा भवन सुरक्षा के इंतजामों पर सवाल खड़े हो गए हैं। फिलहाल सभी की नजरें जारी रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हैं। मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।


