रिपोर्ट- हिमांशु पटेल
Mahadev Betting App : रायपुर, महादेव सट्टा ऐप 6 हजार करोड़ रुपये के कथित घोटाले का वो नेटवर्क, जिसने छत्तीसगढ़ की सियासत में भूचाल ला दिया था। अब इस नेटवर्क का कथित किंगपिन सौरभ चंद्राकर सीबीआई की गिरफ्त में है। अदालत ने सौरभ को 8 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। यानी अब अगले 8 दिन सिर्फ सौरभ की पूछताछ नहीं होगी, बल्कि उन तमाम चेहरों पर भी नजर रहेगी, जिनके नाम इस मामले से जुड़ते रहे हैं। सवाल बड़ा है क्या सौरभ के खुलासे से महादेव सट्टा ऐप का पूरा राजनीतिक और प्रशासनिक नेटवर्क बेनकाब होगा? जानिए ये रिपोर्ट!
Mahadev Betting App : बता दे, ओमान से भारत लाए गए सौरभ चंद्राकर को आज सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन अदालत ने 8 दिन की रिमांड मंजूर की। अब दिल्ली स्थित सीबीआई मुख्यालय में सौरभ से पूछताछ होगी। जांच एजेंसी 6 हजार करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले और सट्टा नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल करेगी।
Mahadev Betting App : सीबीआई के मुताबिक, सौरभ के खिलाफ इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस जारी था। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कथित तौर पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर यूएई से ओमान पहुंचा था। भारतीय एजेंसियों, इंटरपोल और ओमान के अधिकारियों के समन्वय से उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी हुई। लेकिन इस गिरफ्तारी के साथ ही छत्तीसगढ़ में सियासत का पारा चढ़ने लगा है। बीजेपी पहले से आरोप लगाती रही है कि महादेव सट्टा ऐप का नेटवर्क कांग्रेस शासनकाल में फला-फूला। अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी संकेत दिए हैं कि सौरभ की पूछताछ में कई और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
Mahadev Betting App : उधर, कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों पर पलटवार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। बैज ने सवाल उठाया कि सौरभ चंद्राकर भारत आ गया, लेकिन रवि उप्पल और शुभम सोनी अब तक गिरफ्त से बाहर क्यों हैं ? अब सरकार बताए कि शुभम सोनी कहां है ?
Mahadev Betting App : वहीं, सौरभ चंद्राकर के बचाव पक्ष के वकील आशुतोष गिरी ने गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती देने की बात कही। उन्होंने बताया कि वकीलों और परिजनों से मुलाकात तथा दिल्ली में पूछताछ जैसी मांगें रखी गई थीं, जिन्हें अदालत ने स्वीकार किया। बचाव पक्ष का कहना है कि उन्हें सीबीआई की जांच पर भरोसा है और सौरभ दोषी साबित नहीं होंगे।
फिलहाल सौरभ चंद्राकर 8 दिन सीबीआई की रिमांड पर रहेगा। 12 तारीख को उसे फिर अदालत में पेश किया जाएगा। लेकिन असली सवाल अब भी कायम है क्या पूछताछ में सिर्फ सौरभ के आर्थिक लेन-देन का खुलासा होगा, या फिर उन सफेदपोश नेताओं, अधिकारियों और कथित संरक्षणदाताओं तक भी जांच पहुंचेगी, जिनके नाम राजनीतिक आरोपों में उछलते रहे हैं ?
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