Mizoram: देश के अलग-अलग हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। इसी बीच मिजोरम में मंगलवार देर रात धरती हिलने से लोगों में हलचल देखने को मिली। राज्य के चंफाई जिले में भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर काफी गहराई में था। आइए जानते हैं कि मिजोरम में आए इस भूकंप से जुड़ी अहम जानकारी क्या है और इससे पहले जम्मू-कश्मीर में कब धरती कांपी थी।
Mizoram: मिजोरम में कितनी रही भूकंप की तीव्रता?
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, मिजोरम के चंफाई जिले में मंगलवार देर रात भूकंप आया। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.7 मापी गई। भूकंप रात करीब 11 बजकर 45 मिनट पर दर्ज किया गया था।
संस्थान के मुताबिक, भूकंप का केंद्र चंफाई जिले में जमीन के नीचे 24 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। पूर्वोत्तर भारत का यह इलाका भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में आता है। ऐसे में यहां समय-समय पर धरती में हलचल दर्ज की जाती रही है।
Mizoram: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में भी कांपी थी धरती
मिजोरम से पहले जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह आए इस भूकंप के कारण लोग घबराकर अपने घरों से बाहर निकल आए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 दर्ज की गई थी।
जानकारी के मुताबिक, कुलगाम में आए भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर लगभग 10 किलोमीटर की गहराई पर था। हालांकि, इसकी तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन सुबह के समय अचानक धरती हिलने से लोगों में डर का माहौल बन गया। झटके महसूस होते ही कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर निकल गए। कुलगाम और आसपास के इलाकों में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति रही।
Mizoram: आखिर क्यों आते हैं भूकंप के झटके?
भूकंप आने की सबसे प्रमुख वजह धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां हैं। हमारी पृथ्वी की बाहरी परत कई बड़ी और छोटी प्लेटों में बंटी हुई है। ये प्लेटें लगातार धीमी गति से खिसकती रहती हैं। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं, एक-दूसरे से रगड़ खाती हैं या इनके बीच अचानक हलचल होती है, तो जमीन के भीतर ऊर्जा जमा होने लगती है।
जब यह ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं। इन्हीं तरंगों के कारण धरती की सतह पर कंपन महसूस होता है, जिसे हम भूकंप कहते हैं। भूकंप का असर उसकी तीव्रता, केंद्र की गहराई और प्रभावित क्षेत्र से दूरी जैसे कारकों पर निर्भर करता है।
Mizoram: भूकंप के दौरान सावधानी बरतना क्यों जरूरी?
भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराने के बजाय सुरक्षित कदम उठाना जरूरी है। यदि आप किसी इमारत के अंदर हैं, तो मजबूत मेज के नीचे बैठकर सिर और गर्दन को ढकें तथा खिड़कियों और भारी सामान से दूरी बनाए रखें। झटके रुकने के बाद सावधानी से खुले स्थान पर जाएं और लिफ्ट का इस्तेमाल न करें।
मिजोरम और जम्मू-कश्मीर में हाल ही में दर्ज किए गए भूकंप की तीव्रता कम थी, लेकिन ऐसी घटनाएं भूकंप के प्रति सतर्क रहने की जरूरत याद दिलाती हैं। भूकंप के दौरान सही जानकारी और सुरक्षा संबंधी उपायों का पालन करना नुकसान को कम करने में मददगार हो सकता है।
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