MP: मध्य प्रदेश की 10 बड़ी खबरें
1. भोपाल में आज ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
भोपाल में आज ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा शामिल होंगे। पदयात्रा के बाद अटल पथ पर सभा आयोजित की जाएगी। आयोजकों ने इस कार्यक्रम में करीब एक लाख लोगों के जुटने का दावा किया है। इस आयोजन को लेकर राजधानी में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
2. चित्रकूट में समाजशिल्पी दंपतियों की भर्ती करेगा DRI
चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान (DRI) समाजशिल्पी दंपतियों की भर्ती करने जा रहा है। इन दंपतियों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे करीब 1000 गांवों में रहकर काम करना होगा। इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी, बेरोजगारी और बीमारी जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए काम करना है। इस पहल के जरिए गांवों में सामाजिक और आर्थिक बदलाव लाने की योजना है।
3. दिल्ली रैली में नहीं पहुंचे 60 युवा कांग्रेसी, संगठन ने किया सस्पेंड
दिल्ली में आयोजित रैली में शामिल नहीं होने वाले मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 9 जिलाध्यक्ष, 5 उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल हैं। पार्टी ने सभी को सस्पेंड कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद युवा कांग्रेस के संगठनात्मक अनुशासन और पदाधिकारियों की जिम्मेदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
4. सतना में डेंगू के 5 नए मरीज मिले, एक महीने में आंकड़ा 10
सतना में डेंगू का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। यहां दो दिनों के भीतर पांच नए मरीज सामने आए हैं। इससे पहले एक युवक की डेंगू से मौत हो चुकी है। अब उसकी गर्भवती पत्नी और भाई भी इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं। जिले में एक महीने के भीतर डेंगू के मरीजों की संख्या 10 तक पहुंच गई है। लगातार सामने आ रहे मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।
5. सिंधिया राजघराने के संपत्ति विवाद में प्रतिमा राणा देंगी गवाही
ग्वालियर के चर्चित सिंधिया राजघराने के संपत्ति विवाद में अब प्रतिमा राणा की गवाही होगी। वह इस मामले में अपनी बात अदालत के सामने रखेंगी। आरोप है कि संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों पर उनकी मौसियों ने धोखाधड़ी से हस्ताक्षर करवाए थे। इस विवाद में प्रतिमा राणा की गवाही को अहम माना जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान संपत्ति और दस्तावेजों से जुड़े आरोपों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
6. इंदौर में RSS की बैठक का आज समापन, 400 पदाधिकारी हुए शामिल
इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की महत्वपूर्ण बैठक का आज समापन होगा। बैठक में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत सहित देशभर से करीब 400 पदाधिकारी शामिल हुए हैं। इस दौरान Gen-Z के बीच संघ की पहुंच बढ़ाने और विदेशों में संगठन के विस्तार जैसे विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में बदलते सामाजिक परिवेश और नई पीढ़ी के साथ संवाद को लेकर भी मंथन हुआ।
7. मिड करियर ट्रेनिंग पर जाएंगे DIG समेत 7 SP, 14 IPS के प्रभार बदले
मध्य प्रदेश के 14 IPS अधिकारियों के प्रभार दूसरे अधिकारियों को सौंपे गए हैं। इनमें एक DIG और सात SP समेत कई अधिकारी मिड करियर ट्रेनिंग में शामिल होने जा रहे हैं। अधिकारियों की अनुपस्थिति को देखते हुए गृह विभाग ने उनके विभागीय और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी दूसरे अफसरों को सौंपी है। इससे संबंधित आदेश जारी कर दिए गए हैं, ताकि पुलिस और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित न हो।
8. विदिशा में 23 दिन डिजिटल अरेस्ट रखकर 70 लाख की ठगी
विदिशा में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। बदमाशों ने खुद को CBI अधिकारी बताकर एक व्यक्ति को 23 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराए रखा। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी और कार्रवाई का डर दिखाकर करीब 70 लाख रुपये ऐंठ लिए। लगातार निगरानी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ित से पैसे वसूले गए। घटना ने एक बार फिर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही साइबर ठगी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
9. उज्जैन गैंगरेप केस में आरोपी की Instagram चैट आई सामने
उज्जैन गैंगरेप मामले में आरोपी की Instagram चैट सामने आने के बाद जांच से जुड़ा एक नया पहलू सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी खुद को कैब ड्राइवर बताकर युवती को मिलने के लिए मैसेज भेजता था। सोशल मीडिया पर बातचीत के जरिए युवती से संपर्क करने की कोशिश की जाती थी। अब सामने आई चैट को मामले की जांच के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
10. अशोकनगर के स्कूल में 14 साल से पहली मंजिल पर जाने के लिए सीढ़ियां नहीं
अशोकनगर में सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था का मामला सामने आया है। यहां करीब 6 लाख रुपये खर्च करके स्कूल की पहली मंजिल पर कमरे तो बनवा दिए गए, लेकिन वहां पहुंचने के लिए सीढ़ियों का निर्माण ही नहीं कराया गया। हैरानी की बात यह है कि 14 साल बीत जाने के बाद भी पहली मंजिल तक पहुंचने का रास्ता नहीं बनाया गया। स्कूल की छत और निर्माण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और शिक्षा विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।


