Erdogan India Statement : नई दिल्ली, भारत और तुर्की के संबंधों के बीच एक बार फिर विवादित दावों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की सरकार और पाकिस्तान के कुछ नेता भारत के आंतरिक मामलों को धार्मिक नजरिए से प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय मुसलमानों को लेकर भड़काऊ संदेश और अलगाववादी विचारों को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
ये आरोप अमेरिकी वेबसाइट ‘जिहाद वॉच’ की एक रिपोर्ट में लगाए गए हैं। अमेरिकी टिप्पणीकार माइकल रुबिन के एक लेख का भी इसमें उल्लेख किया गया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि लेख में उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के बजाय संबंधित रिपोर्ट और टिप्पणीकार के आरोपों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Erdogan India Statement : तुर्की और पाकिस्तान पर क्या लगाए गए आरोप?
जिहाद वॉच की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की और पाकिस्तान के कुछ राजनीतिक विचारों में भारत के मुसलमानों को लेकर अलगाववादी सोच को बढ़ावा देने की बात कही गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत के करीब 20 करोड़ मुसलमानों को लेकर अलग देश या पड़ोसी मुस्लिम देशों से जुड़ने जैसे विचारों को कथित तौर पर प्रचारित किया जा रहा है।
रिपोर्ट में अमेरिकी व्यवसायी और टिप्पणीकार माइकल रुबिन के संडे गार्जियन में प्रकाशित लेख का भी हवाला दिया गया है। इस लेख में भारत में सांप्रदायिक तनाव और संभावित अस्थिरता को लेकर चिंता जताई गई है।
Erdogan India Statement : इमरान खान और असीम मुनीर के पुराने बयानों का जिक्र
रिपोर्ट में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और सेना प्रमुख असीम मुनीर के पुराने बयानों को भी आधार बनाया गया है। अगस्त 2019 में इमरान खान ने दो-राष्ट्र सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा था कि जिन्ना ने इसी विचार के आधार पर अलग देश की मांग की थी।
वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक असीम मुनीर ने भी हिंदू और मुसलमानों को अलग-अलग राष्ट्र बताते हुए दो-राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन किया था। इन बयानों को भारत के संदर्भ में पाकिस्तान की वैचारिक स्थिति से जोड़कर पेश किया गया है।
Erdogan India Statement : कश्मीर के मुद्दे पर एर्दोगन के बयान भी चर्चा में
रिपोर्ट में तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के संयुक्त राष्ट्र महासभा में दिए गए पुराने बयानों का भी उल्लेख है। एर्दोगन ने कश्मीर के मुद्दे पर भारत की नीतियों की आलोचना की थी और भारत में मुसलमानों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे।
उन्होंने भारत में गोमांस से जुड़े विवादों और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा के आरोपों का भी जिक्र किया था। भारत सरकार ने कश्मीर और अपने आंतरिक मामलों पर विदेशी नेताओं की टिप्पणियों का विरोध किया है।
Erdogan India Statement : इंटरनेट के जरिए प्रचार का दावा
जिहाद वॉच की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के माध्यम से भारत में धार्मिक आधार पर विभाजनकारी सामग्री पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि, भारत में किसी विदेशी सरकार की ओर से संगठित तरीके से विद्रोह भड़काने या अलग देश की मांग को बढ़ावा देने के दावे की पुष्टि करने वाले ठोस स्वतंत्र प्रमाण इस सामग्री में प्रस्तुत नहीं किए गए हैं।
Erdogan India Statement : भारत के लिए क्यों अहम है यह मुद्दा?
भारत एक बहुधार्मिक और लोकतांत्रिक देश है, जहां सभी नागरिकों को संविधान के तहत समान अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे में किसी भी विदेशी राजनीतिक हस्तक्षेप, ऑनलाइन दुष्प्रचार या हिंसा भड़काने की कोशिश से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक पड़ताल जरूरी है। साथ ही, किसी विदेशी सरकार या संगठन के कथित बयानों और गतिविधियों के आधार पर भारत के पूरे मुस्लिम समुदाय को संदेह के दायरे में रखना उचित नहीं है। किसी भी दावे का मूल्यांकन प्रमाणों, आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और स्वतंत्र जांच के आधार पर किया जाना चाहिए।


Erdogan India Statement: भारतीय राष्ट्रवादी मुस्लिमों ने दी तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के बयानों पर भारतीय राष्ट्रवादी मुस्लिमों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि भारत के मुसलमानों की चिंता जताने से पहले तुर्की के नेतृत्व को अपने देश के हालात पर ध्यान देना चाहिए। भारतीय मुसलमान भारत के संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता में विश्वास रखते हैं और उन्हें किसी विदेशी देश की नसीहत या हस्तक्षेप की जरूरत नहीं है। जिस तरह पहले पाकिस्तान के बयानों पर भारतीय मुस्लिमों ने अपनी बात मजबूती से रखी थी, उसी तरह अब एर्दोगन को भी जवाब देते हुए कहा जा रहा है कि तुर्की पहले अपने गिरेबान में झांके, उसके बाद भारत के मुसलमानों की चिंता करे।


