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Aaj ka Panchang: 3 नवंबर को नवमी तिथि के साथ मनेगा मंगलवार, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

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Aaj ka Panchang: 3 नवंबर 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई महत्वपूर्ण जानकारियां लेकर आया है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। दिन के शुरुआती समय में तिथि, योग और करण में बदलाव होने वाला है। ऐसे में पूजा-पाठ, व्रत और अन्य धार्मिक कार्यों की योजना बनाते समय पंचांग के समय पर ध्यान देना जरूरी है।

आज का शुभ मुहूर्त सुबह 11:20 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 2:30 बजे से 3:53 बजे तक है। मंगलवार होने के कारण आज भगवान हनुमान की पूजा और हनुमान चालीसा के पाठ का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। आइए जानते हैं आज के पंचांग में तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्रोदय और अशुभ समय से जुड़ी पूरी जानकारी।

आज का पंचांग

पंचांग विवरणसमय और स्थिति
दिनमंगलवार
तिथिकृष्ण पक्ष नवमी, सुबह 11:55 बजे तक
पूर्णिमांत मासकार्तिक
अमांत मासअश्विन
विक्रम संवत2083 (सिद्धार्थ)
शक संवत1948 (प्रभाउ)
ऋतुशरद
अयनदक्षिणायन
सूर्योदयसुबह 6:08 बजे
सूर्यास्तशाम 5:17 बजे
चंद्रोदयरात 12:22 बजे
चंद्रास्तदोपहर 1:37 बजे
नक्षत्रमघा, सुबह 3:27 बजे तक
योगशुक्ल, सुबह 9:54 बजे तक
करणगर, सुबह 11:57 बजे तक
शुभ मुहूर्तसुबह 11:20 से दोपहर 12:04 बजे तक
राहुकालदोपहर 2:30 से 3:53 बजे तक
गुलिक कालसुबह 11:42 से दोपहर 1:06 बजे तक
यमघण्टकालसुबह 8:55 से 10:19 बजे तक
दिशाशूलउत्तर
सूर्य राशितुला
चंद्र राशिसिंह
चंद्र निवासपूर्व दिशा

नवमी तिथि के बाद शुरू होगी दशमी

मंगलवार, 3 नवंबर को कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि लग जाएगी। इसलिए जो लोग नवमी तिथि के अनुसार कोई धार्मिक अनुष्ठान, व्रत या पूजा करना चाहते हैं, उन्हें सुबह के समय का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तिथि बदलने के बाद धार्मिक कार्यों का समय तय करते हुए संबंधित परंपरा और पंचांग की गणना देखना उचित रहेगा।

मंगलवार का दिन धार्मिक मान्यताओं में भगवान हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु हनुमान मंदिर में दर्शन कर सकते हैं और हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या मंत्रों का पाठ कर सकते हैं। इसके अलावा अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना और दान-पुण्य भी किया जा सकता है।

कार्तिक और अश्विन मास का पंचांग में उल्लेख

आज पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार कार्तिक मास चल रहा है, जबकि अमांत गणना में इसे अश्विन मास बताया गया है। दरअसल, हिंदू पंचांग में चंद्र मास की गणना करने की दो प्रमुख पद्धतियां प्रचलित हैं। पूर्णिमांत व्यवस्था में महीने का समापन पूर्णिमा के बाद होता है, जबकि अमांत पद्धति में अमावस्या के बाद नया महीना शुरू माना जाता है। इसी वजह से एक ही दिन के लिए दोनों गणनाओं में मास का नाम अलग हो सकता है।

आज विक्रम संवत 2083, जिसे सिद्धार्थ संवत्सर कहा गया है, प्रभावी रहेगा। वहीं शक संवत के अनुसार वर्ष 1948 (प्रभाउ) चल रहा है। ये दोनों भारतीय पारंपरिक कालगणना की महत्वपूर्ण प्रणालियां हैं। पंचांग में इनके उल्लेख से तिथि और दिन के साथ वर्ष का पारंपरिक विवरण भी मिलता है।

शरद ऋतु और दक्षिणायन का महत्व

पंचांग के अनुसार 3 नवंबर को शरद ऋतु रहेगी और सूर्य की स्थिति दक्षिणायन में मानी जाएगी। ऋतु का संबंध वर्ष के मौसमी चक्र से है, जबकि दक्षिणायन सूर्य की वार्षिक गति पर आधारित पारंपरिक गणना का हिस्सा है। पंचांग में इन जानकारियों को तिथि, वार और नक्षत्र के साथ शामिल किया जाता है।

दिन की शुरुआत और शाम के समय मौसम में अंतर हो सकता है। हालांकि, तापमान और मौसमी परिस्थितियां अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों में भिन्न रहेंगी। इसलिए दैनिक गतिविधियों की योजना बनाते समय स्थानीय मौसम की जानकारी को भी ध्यान में रखना चाहिए।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा के उदय-अस्त का समय

3 नवंबर को सूर्योदय सुबह 6:08 बजे होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 5:17 बजे निर्धारित है। इन समयों के आधार पर दिन की अवधि और सुबह-शाम की धार्मिक गतिविधियों की योजना बनाई जा सकती है। विशेष रूप से पूजा-पाठ और सूर्य से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों में सूर्योदय और सूर्यास्त के समय को महत्वपूर्ण माना जाता है।

आज चंद्रोदय रात 12:22 बजे और चंद्रास्त दोपहर 1:37 बजे होगा। पंचांग की गणना के अनुसार चंद्रमा सिंह राशि में स्थित रहेगा। वहीं चंद्र निवास पूर्व दिशा में बताया गया है। चंद्रमा के उदय और अस्त का समय हर दिन बदलता है, इसलिए व्रत और चंद्र दर्शन से जुड़े धार्मिक कार्यों में संबंधित दिन का समय देखना जरूरी होता है।

मघा नक्षत्र के बाद बदलेगी नक्षत्र की स्थिति

आज मघा नक्षत्र सुबह 3:27 बजे तक रहेगा। इसके बाद अगला नक्षत्र प्रभावी हो जाएगा। नक्षत्र की स्थिति को ज्योतिषीय गणना में महत्वपूर्ण माना जाता है। विवाह, पूजा, संस्कार या किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए मुहूर्त देखते समय नक्षत्र की शुरुआत और समाप्ति का समय भी ध्यान में रखा जाता है।

योग की बात करें तो आज शुक्ल योग सुबह 9:54 बजे तक रहेगा। इसके बाद योग में परिवर्तन होगा। पंचांग में योग की गणना सूर्य और चंद्रमा की स्थिति के आधार पर की जाती है। इसे तिथि और नक्षत्र के साथ दिन की ज्योतिषीय स्थिति समझने के लिए देखा जाता है।

गर करण सुबह 11:57 बजे तक रहेगा

आज गर करण सुबह 11:57 बजे तक प्रभावी रहेगा। वहीं नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे समाप्त हो जाएगी। इस तरह तिथि और करण के समय में करीब दो मिनट का अंतर है। सुबह के दौरान होने वाले इन बदलावों के कारण किसी खास तिथि या करण को आधार बनाकर धार्मिक कार्य करने वालों के लिए समय का मिलान करना उपयोगी रहेगा।

पंचांग में करण को तिथि का आधा भाग माना जाता है। इसकी गणना भी धार्मिक मुहूर्त तय करने में की जाती है। इसलिए किसी विशेष पूजा या संस्कार के लिए केवल तिथि ही नहीं, बल्कि उस समय प्रभावी करण और अन्य पंचांग विवरणों को भी देखना चाहिए।

शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

आज शुभ कार्यों के लिए मुहूर्त सुबह 11:20 बजे से दोपहर 12:04 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि को शुभ समय के रूप में देखा जाता है। यदि इस दौरान कोई पूजा, धार्मिक आयोजन या अन्य महत्वपूर्ण कार्य करना हो, तो अपनी परंपरा के अनुसार मुहूर्त की उपयुक्तता की पुष्टि कर सकते हैं।

आज के अशुभ माने जाने वाले समय इस प्रकार हैं:

  • राहुकाल: दोपहर 2:30 बजे से 3:53 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 1:06 बजे तक
  • यमघण्टकाल: सुबह 8:55 बजे से 10:19 बजे तक

ज्योतिषीय मान्यताओं में राहुकाल, गुलिक काल और यमघण्टकाल के दौरान नए शुभ कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इन समयों को लेकर मान्यताएं परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। जरूरी काम या यात्रा की स्थिति में व्यावहारिक जरूरतों को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।

उत्तर दिशा में रहेगा दिशाशूल

आज मंगलवार को दिशाशूल उत्तर दिशा में माना गया है। पारंपरिक पंचांग के अनुसार यात्रा की योजना बनाते समय दिशाशूल का विचार किया जाता है। यदि किसी व्यक्ति को उत्तर दिशा की ओर यात्रा करनी है, तो वह अपनी धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे जुड़े उपायों पर विचार कर सकता है।

हालांकि, यात्रा का निर्णय लेते समय दूरी, समय, मौसम और अन्य जरूरी परिस्थितियों को ध्यान में रखना भी आवश्यक है। दिशाशूल पंचांग की पारंपरिक मान्यता है, इसे यात्रा से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों के विकल्प के रूप में नहीं देखना चाहिए।

सूर्य तुला और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा

आज सूर्य तुला राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। पंचांग के अनुसार चंद्र निवास पूर्व दिशा में बताया गया है। सूर्य और चंद्रमा की राशिगत स्थिति को ज्योतिषीय गणना में तिथि, नक्षत्र और योग के साथ देखा जाता है।

इस प्रकार 3 नवंबर 2026 को नवमी तिथि सुबह 11:55 बजे तक रहेगी और इसके बाद दशमी शुरू होगी। दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:20 से दोपहर 12:04 बजे तक है। वहीं राहुकाल दोपहर 2:30 से 3:53 बजे तक रहेगा। पूजा-पाठ, व्रत और अन्य धार्मिक गतिविधियों की योजना बनाते समय इन पंचांग विवरणों को ध्यान में रखा जा सकता है।

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