BY: Yoganand Shrivastva
Hindutva Controversy कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व को लेकर दिए गए बयान ने मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। उज्जैन से अयोध्या तक निकाली जा रही यात्रा के दौरान गुना में उन्होंने कहा कि नफरत फैलाना हिंदुत्व है। इस टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेता पर तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह अपने बयानों से हिंदुत्व और सनातन धर्म की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।
सनातन धर्म और हिंदुत्व पर दिग्विजय सिंह की टिप्पणी
Hindutva Controversy गुना जिले में मीडिया से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करने और संपूर्ण विश्व के कल्याण की भावना रखता है। उन्होंने इसी विचार को सनातन धर्म का मूल संदेश बताया।
Hindutva Controversy दिग्विजय सिंह ने कहा, “हमारा एक ही संदेश है। सनातन धर्म सभी धर्मों का सम्मान करता है और पूरे विश्व का कल्याण करता है। यही सनातन धर्म है। नफरत फैलाना हिंदुत्व है जो आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद, सावरकर जी को अपना नेता मानकर करते हैं, जिन्होंने खुद कहा था कि हिंदुत्व का धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।”
विश्वास सारंग ने लगाए गंभीर आरोप
Hindutva Controversy दिग्विजय सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उनकी यात्रा को नफरत और सामाजिक बिखराव फैलाने वाली बताया। सारंग का आरोप है कि कांग्रेस नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे सनातन धर्म को लेकर विवाद पैदा हो और समाज में विभाजन की स्थिति बने।
उन्होंने जाकिर नाइक का उल्लेख करते हुए भी दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा। सारंग ने कहा कि जाकिर नाइक के मंच पर जाकर उसका महिमामंडन करने वाले दिग्विजय सिंह को हिंदू धर्म और हिंदू खराब लगते हैं, जबकि जाकिर नाइक हीरो नजर आते हैं।
हिंदुत्व को बदनाम करने की साजिश का आरोप, 930 किलोमीटर की है यात्रा
Hindutva Controversy विश्वास सारंग ने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह की यात्रा समाज को जोड़ने के बजाय उसमें बिखराव पैदा करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता ने हिंदुत्व और सनातन धर्म को बदनाम करने की सुपारी ले रखी है। सारंग ने यह भी आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह हिंदुओं और हिंदू देवी-देवताओं को बदनाम कर रहे हैं।
दरअसल, दिग्विजय सिंह ने विजयादशमी के अवसर पर उज्जैन से ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ की शुरुआत की थी। संत-महात्माओं का एक समूह इस पदयात्रा का नेतृत्व कर रहा है। करीब 930 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यात्रा अयोध्या पहुंचेगी।
इस यात्रा के माध्यम से सनातन संस्कृति के मूल आदर्शों, सत्य और पारदर्शिता का संदेश देने की बात कही गई है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों पर दान की पारदर्शिता, धन के दुरुपयोग के मामलों की निष्पक्ष जांच और वोट चोरी जैसे मुद्दे भी उठाए जाएंगे।


