BY: Yoganand Shrivastva
Punjab PCS Result पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) की ओर से घोषित PCS मेन्स 2026 के परिणामों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों की सूची सामने आने के बाद चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। शिरोमणि अकाली दल ने भी इस मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा है। पार्टी के प्रवक्ता और लीगल सेल के अध्यक्ष एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने परिणाम में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कई सवाल उठाए हैं।
एक ही कमरे से 45.8 प्रतिशत अभ्यर्थियों के चयन का दावा
Punjab PCS Result पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन ने 4 नवंबर 2026 की देर रात PCS मेन्स परीक्षा का परिणाम जारी किया था। इस भर्ती के तहत कुल 331 पदों के लिए 751 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए चुना गया है। परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्रों और कमरों के हिसाब से चयनित उम्मीदवारों के आंकड़े सामने रखे।
Punjab PCS Result अभ्यर्थियों के दावे के मुताबिक, सेंटर-7 के कमरा नंबर-8 में परीक्षा देने वाले 24 उम्मीदवारों में से 11 सफल हुए हैं। यानी इस कमरे का चयन प्रतिशत 45.8 रहा। इसी तरह सेंटर-11 के कमरा नंबर-14 और सेंटर-4 के कमरा नंबर-19 में भी 24 में से 10-10 अभ्यर्थियों के चयन का दावा किया गया है। इन आंकड़ों को आधार बनाकर अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया की जांच की मांग कर रहे हैं।
लगातार रोल नंबर और अनुपस्थित उम्मीदवारों के चयन पर सवाल
Punjab PCS Result परिणाम को लेकर दूसरा सवाल लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों के चयन पर उठाया गया है। अभ्यर्थियों के विश्लेषण के अनुसार, 86 चयनित उम्मीदवार ऐसे समूहों में शामिल हैं, जिनके रोल नंबर एक-दूसरे के क्रम में हैं। इसे लेकर चयन सूची की जांच कराने की मांग की जा रही है।
इसके अलावा कुछ अभ्यर्थियों ने दावा किया है कि मेन्स परीक्षा में अनुपस्थित रहने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर भी सफल अभ्यर्थियों की सूची में शामिल हैं। हालांकि, इन दावों को लेकर आयोग की ओर से स्पष्टीकरण सामने आने का उल्लेख उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
331 पदों के मुकाबले 751 उम्मीदवारों के चयन पर अकाली दल ने मांगा जवाब
Punjab PCS Result भर्ती प्रक्रिया को लेकर तीसरा सवाल इंटरव्यू के लिए चुने गए उम्मीदवारों की संख्या पर उठाया गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि प्रत्येक पद के लिए तीन उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए बुलाने का नियम लागू किया जाता, तो 331 पदों के हिसाब से 993 उम्मीदवारों का चयन होना चाहिए था। जबकि आयोग ने 751 अभ्यर्थियों को ही अगले चरण के लिए चुना है।
शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने इन सभी मुद्दों पर भगवंत मान सरकार से जवाब मांगा है। उन्होंने सवाल उठाया कि चार अलग-अलग परीक्षा केंद्रों के कमरों से 10 से 11 उम्मीदवारों का चयन कैसे हुआ और लगातार रोल नंबर वाले अभ्यर्थियों के चयन के पीछे क्या कारण हैं। उन्होंने सरकार से कथित अनियमितताओं की जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता स्पष्ट करने की मांग की है।
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