रिपोर्ट- प्रविंस मनहर
CBI Mahadev App Case : रायपुर, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप… ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में सत्ता से लेकर विपक्ष तक को आमने-सामने ला खड़ा किया है। कभी चुनावी मंचों पर यह मुद्दा कांग्रेस के खिलाफ भाजपा का बड़ा हथियार बना, तो अब प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की भारत वापसी और 8 दिन की सीबीआई रिमांड के बाद… दूसरे प्रमोटर रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर से सियासत फिर सुलग उठी है,.राडार पर खाकी और खादी है…सरकार को उम्मीद है कि पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों के नाम सामने आएंगे, सरकार दावा ये भी कर रही है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा..
CBI Mahadev App Case : महादेव ऐपः खेल अभी बाकी, राडार पर‘खाकी’ और ‘खादी
लेकिन विपक्ष सरकार की मंशा पर ही सवाल उठा रहा है..विपक्ष का सवाल है कि अगर सौरभ आ सकता है, तो ललित मोदी, नीरव मोदी और विजय माल्या क्यों नहीं…3 साल में दर्ज FIR का हिसाब कहाँ है? सरकार के दावों और विपक्ष के इन्हीं सवालों पर हम हम चर्चा को आगे बढ़ाएंगे लेकिन इससे पहले देखते हैं ये रिपोर्ट..
CBI Mahadev App Case : 8 दिन की सीबीआई रिमांड पर आरोपी
महादेव ऐप मामले में लगातार हो रही ताबड़तोड़ कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की सियासत का पारा एक बार फिर हाई कर दिया है मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब सीबीआई की पूछताछ पर देश भर की नजरें टिकी हैं.. रायपुर की विशेष सीबीआई अदालत ने सौरभ को 8 दिन की रिमांड पर भेजा है ..
CBI Mahadev App Case : खुलेंगे ऑनलाइन सिंडिकेट के राज!
केंद्रीय जांच एजेंसी का आरोप है कि सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और शुभम सोनी ने मिलकर सट्टे के इस खूनी खेल से करोड़ों का नेटवर्क खड़ा किया, जिसमें हवाला और भारी-भरकम ‘प्रोटेक्शन मनी’ का इस्तेमाल हुआ.. अब सीबीआई यह खंगाल रही है कि इस सिंडिकेट को किन रसूखदारों की सरपरस्ती हासिल थी. इसी बीच को-प्रमोटर रवि उप्पल की दुबई में गिरफ्तारी की खबर ने इस जांच की आग को और भड़का दिया है.. सरकार इसे जीरो टॉलरेंस की नीति बता रही है
CBI Mahadev App Case : तेज हुई जांच की आंच…,सामने आएग सच !
एक तरफ जहां भाजपा इस ऐक्शन को अपनी बड़ी कामयाबी बता रही है, वहीं कांग्रेस ने सरकार की नीयत पर ही सवालिया निशान लगा दिए हैं.. कांग्रेस सवाल उठा रही है कि सौरभ और उप्पल तो पकड़ लिए गए लेकिन बड़े भगोड़ों पर मेहरबानी क्यों ? कांग्रेस ने साय सरकार से 3 सालों का हिसाब मांगते हुए आरोप लगाया कि सूबे में आज भी जुआ और सट्टा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है.. कांग्रेस का सवाल है कि चंद चेहरों को मोहरा बनाकर असली संरक्षकों को बचाने की कोशिश तो नही हो रही ?
2023 के विधानसभा चुनाव में महादेव ऐप छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बना था ईडी की जांच के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लेकर विधायक देवेंद्र यादव उनके राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा के साथ पुलिस और प्रशासन के कई अधिकारियों के नाम इस सिंडिकेट में सामने आए हैं.. अब जब सीबीआई के पास सौरभ चंद्राकर की 8 दिनों की कस्टडी है, तो सवाल उठना लाजिमी है कि क्या इन रसूखदार अधिकारियों और नेताओं पर भी शिकंजा कसेगा?
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