छत्तीसगढ़ की सियासत में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब पीसीसी चीफ दीपक बैज द्वारा कुछ नेताओं को मानहानि का नोटिस भेजा गया। इस मुद्दे पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बयान जारी कर कहा,
“यदि दीपक बैज ने मानहानि का नोटिस भेजा है, तो संबंधित नेता उसका जवाब देंगे। लेकिन मुद्दा यह है कि कांग्रेस की सरकार के समय छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार सामने आती रहीं हैं।”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में धर्मांतरण करने वालों को खुलेआम संरक्षण दिया जाता था।
“कांग्रेस की सरकार ने जो माहौल बनाया, उसमें धर्मांतरण करने वालों को न केवल छूट मिली, बल्कि राजनीतिक समर्थन भी दिया गया। यही वजह है कि प्रदेश में सामाजिक संतुलन बिगड़ता गया,” – ऐसा डिप्टी सीएम ने कहा।
क्या है मामला?
हाल ही में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कुछ भाजपा नेताओं के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजा है। इन नेताओं ने कथित रूप से कांग्रेस और उसके नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिए थे। कांग्रेस का कहना है कि यह उनके चरित्र और छवि को धूमिल करने की साजिश है।
भाजपा का पलटवार
डिप्टी सीएम साव के बयान से यह साफ हो गया है कि भाजपा इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा अंतर रहा है।
“जो लोग आज नोटिस भेज रहे हैं, उन्हें पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए,” – अरुण साव ने कहा।





