BY: MOHIT JAIN
वायुसेना प्रमुख का बड़ा खुलासा
भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऑपरेशन “सिंदूर” को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मिशन के दौरान भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के एयरबेस पर सटीक हमला किया। तीन हैंगर को टारगेट बनाया गया, जिनमें 4 से 5 एयरक्राफ्ट नष्ट हुए। इनमें F-16 लड़ाकू विमान और कुछ सर्विलांस प्लेन भी शामिल थे।
300 किलोमीटर तक की गहराई में ऑपरेशन

एयर चीफ ने बताया कि यह ऑपरेशन करीब 3-4 दिन तक चला और इसमें तीनों सेनाओं ने शानदार तालमेल दिखाया। भारतीय एयरक्राफ्ट पाकिस्तान की सीमा के अंदर लगभग 300 किलोमीटर तक गए और लक्ष्यों पर सटीक प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपने नागरिकों को मनोहर कहानियां सुनाता रहा, लेकिन हकीकत यह है कि भारत ने अपने उद्देश्यों को पूरी तरह हासिल किया।
इतिहास में दर्ज होगा यह युद्ध
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि यह युद्ध स्पष्ट उद्देश्य के साथ शुरू हुआ और बिना विस्तार लिए शीघ्र ही समाप्त हो गया। उन्होंने इसे इतिहास में दर्ज होने वाला सबक बताया। एयर चीफ ने कहा कि हमने दिखाया कि किस तरह युद्ध को सही समय पर खत्म कर, दुश्मन को युद्धविराम की स्थिति में लाया जा सकता है।
#WATCH | Delhi: On reports of terrorist groups setting up headquarters deep inside Pakistan in Khyber Pakhtunkhwa, Indian Air Force Chief Air Chief Marshal AP Singh says, "Obviously, it was expected… So, we are also getting such news that their hideouts are changing and now… pic.twitter.com/HRAv5BsEpZ
— ANI (@ANI) October 3, 2025
आत्मनिर्भर भारत और भविष्य की तैयारी
एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए कहा कि स्वदेशी तेजस फाइटर जेट और प्रचंड हेलीकॉप्टर पर तेजी से काम चल रहा है। LCA मार्क-1ए के ऑर्डर प्लेस किए जा चुके हैं, वहीं इंडियन मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर (IMRH) की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने बताया कि “अगली जंग पिछली जंग जैसी नहीं होगी”, इसलिए वायुसेना खुद को भविष्य के अनुरूप तैयार कर रही है।

क्या था ऑपरेशन सिन्दूर ?
ऑपरेशन सिन्दूर भारतीय सशस्त्र सेनाओं द्वारा 6-7 मई की रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (पीओके) में किए गए एक सैन्य हवाई अभियान का कोडनेम था। इसका उद्देश्य पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ढाँचे को निशाना बनाना था। यह हमला पहलगाम हमले में शहीद हुए आम नागरिकों की विधवाओं के प्रति न्याय और श्रद्धांजलि के रूप में किया गया था, और इसका नाम इसी से प्रेरित था.


