BY
Yoganand Shrivastava
NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की चार्जशीट में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि परीक्षा से कई दिन पहले ही प्रश्नपत्र से जुड़े सवाल चुनिंदा छात्रों तक पहुंचा दिए गए थे। चार्जशीट के अनुसार इस पूरे नेटवर्क में कथित तौर पर कुछ विषय विशेषज्ञ, कोचिंग संचालक, बिचौलिए और अन्य लोग शामिल थे, जिन्होंने विभिन्न माध्यमों से परीक्षा सामग्री साझा की।
NEET UG 2026 कोचिंग नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पहुंची जानकारी
जांच में यह बात सामने आई है कि कथित तौर पर विशेष कक्षाओं, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अन्य माध्यमों का उपयोग कर छात्रों को संभावित प्रश्न उपलब्ध कराए गए। सीबीआई के अनुसार कई डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट और दस्तावेज जांच के दौरान प्राप्त हुए हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में फैले नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

NEET UG 2026 सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, अदालत में सुनवाई जारी
चार्जशीट में परीक्षा प्रक्रिया और गोपनीयता व्यवस्था से जुड़े कुछ पहलुओं पर भी सवाल उठाए गए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि प्रश्नपत्र तैयार करने और उसकी सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाया गया। मामले में सैकड़ों गवाहों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल अदालत में मामले की सुनवाई जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया न्यायालय के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ेगी।
NEET UG 2026 पेपर लीक मामला देश की सबसे बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक की विश्वसनीयता से जुड़ा होने के कारण लगातार चर्चा में बना हुआ है। छात्रों और अभिभावकों की नजर अब जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अगले चरण पर टिकी हुई है।



