Lucknow उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक तबादला नीति को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह नई नीति कल से ही पूरे प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू हो जाएगी।

Lucknow तबादलों के लिए तय हुई 10 प्रतिशत की सीमा
नई नीति के तहत तबादलों को लेकर कड़े मानक तय किए गए हैं ताकि कार्यालयों का कामकाज प्रभावित न हो। कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, किसी भी विभाग में कुल स्वीकृत पदों की कार्यक्षमता के सापेक्ष अधिकतम 10 प्रतिशत ही स्थानांतरण किए जा सकेंगे। यदि किसी विशेष परिस्थिति में इस सीमा से अधिक तबादले करने की आवश्यकता पड़ती है, तो उसके लिए मुख्यमंत्री स्तर से अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

Lucknow मंत्री और विभागाध्यक्षों को मिले अधिकार
तबादला प्रक्रिया में पारदर्शिता और समन्वय बनाए रखने के लिए नई नीति में शक्तियों का विकेंद्रीकरण किया गया है। अब कर्मचारियों के स्थानांतरण के निर्णय विभागाध्यक्ष (HOD) और संबंधित विभाग के मंत्री आपसी समन्वय के साथ ले सकेंगे। इससे जिलों में स्टाफ की कमी और कार्य की आवश्यकता के अनुरूप सही तैनाती सुनिश्चित की जा सकेगी।
Lucknow कल से प्रभावी होगी व्यवस्था
कैबिनेट बैठक समाप्त होने के बाद सरकार की ओर से जारी बयान में बताया गया कि नई नीति को तत्काल प्रभाव से लागू करने की तैयारी है।

- प्रभावी तिथि: 5 मई, 2026 से प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।
- समय सीमा: आमतौर पर तबादला नीति एक निश्चित समयावधि (जैसे 15 जून या 30 जून) के लिए खुलती है, जिसका विस्तृत शासनादेश विभाग द्वारा जल्द ही जारी किया जाएगा।
पारदर्शिता पर रहेगा जोर
योगी सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तबादला नीति का क्रियान्वयन पूरी तरह निष्पक्ष और मेरिट के आधार पर होना चाहिए। समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों के साथ-साथ समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों के लिए भी नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। लंबे समय से एक ही जिले या पटल पर जमे कर्मियों को इस नीति के दायरे में प्राथमिकता दी जा सकती है।





