Israel-Iran Tension: इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ अपने ऑपरेशन को रोकने के पक्ष में नहीं है। मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया ने मंगलवार को कहा कि एजेंसी का मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक तेहरान में सत्ता परिवर्तन नहीं हो जाता। यह बयान ऐसे समय आया है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं।
Israel-Iran Tension: अमेरिका की कूटनीति के बीच इजरायल का सख्त रुख
इजरायल का यह रुख अमेरिका के लिए भी चुनौती माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बातचीत के जरिए ईरान के साथ तनाव कम करने और युद्धविराम की दिशा में प्रयास कर रहा है। ऐसे में मोसाद का बयान संकेत देता है कि इजरायल सैन्य और खुफिया स्तर पर अपने लक्ष्य से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
Israel-Iran Tension: ‘शासन परिवर्तन तक मिशन अधूरा’

तुर्की टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, बार्निया से जब उन रिपोर्ट्स पर सवाल किया गया जिनमें कहा गया था कि ईरान पर हमले के बाद वहां की सरकार गिर सकती है, तो उन्होंने इन दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि मिशन का उद्देश्य केवल सैन्य सफलता नहीं, बल्कि तेहरान में सत्ता परिवर्तन है, और जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होता, अभियान जारी रहेगा।
Israel-Iran Tension: 40 दिन की लड़ाई का जिक्र
बार्निया ने बताया कि 28 फरवरी से 8 अप्रैल के बीच चली करीब 40 दिनों की लड़ाई में इजरायल ने कई अहम सफलताएं हासिल कीं। इस दौरान दुश्मन को काफी कमजोर किया गया, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अभी मिशन पूरी तरह पूरा नहीं हुआ है।
Israel-Iran Tension: ‘कट्टरपंथी शासन बदलना ही लक्ष्य’
मोसाद प्रमुख ने कहा कि शुरुआत से ही यह योजना थी कि संघर्ष के बाद भी अभियान जारी रखा जाएगा। उनका कहना था कि जब तक ईरान में मौजूदा इस्लामिक शासन कायम है, तब तक मिशन को पूरा नहीं माना जा सकता। उन्होंने दोहराया कि अंतिम लक्ष्य इसी शासन में बदलाव लाना है।
Israel-Iran Tension: तेहरान हमले में मोसाद की भूमिका
बार्निया ने दावा किया कि 28 फरवरी को तेहरान में हुए हमले में मोसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके अनुसार, हमले का नेतृत्व इजरायली सेना ने किया, जबकि मोसाद ने खुफिया और ऑपरेशनल सहायता प्रदान की। इस हमले में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को बड़ा नुकसान पहुंचने की बात भी कही गई।
Israel-Iran Tension: लंबे समय से जारी है इजरायल-ईरान तनाव
इजरायल और ईरान के बीच तनाव कोई नया नहीं है। पिछले साल जून में दोनों पक्षों के बीच करीब 12 दिनों तक संघर्ष चला था। इसके बाद इस साल 28 फरवरी से फिर से बड़े पैमाने पर हमले शुरू हुए, जिसमें इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया।
Israel-Iran Tension: युद्धविराम के बावजूद जारी बयानबाजी
हाल ही में 8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू किया गया है। जहां एक ओर अमेरिका और ईरान बातचीत के जरिए स्थायी शांति की कोशिश कर रहे हैं, वहीं इजरायल की ओर से आ रहे बयानों से संकेत मिलता है कि वह संघर्ष को जारी रखने के पक्ष में है।
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