Report: Vandna Rawat
Gorakhpur गोरखपुर में मंगलवार को आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि 2017 में जो मानदेय 3,500 रुपये था, उसे हमारी सरकार ने पहले 10 हजार और अब बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है。 यह बढ़ी हुई दर अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है।
Gorakhpur नकारात्मकता छोड़ राष्ट्र निर्माण में जुटें शिक्षामित्र
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे ‘ट्रेड यूनियन’ जैसी सोच और नकारात्मकता को पूरी तरह त्याग दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि शिक्षक या शिक्षामित्र नकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे, तो वे न केवल बच्चों की नींव कमजोर करेंगे बल्कि पूरे राष्ट्र की क्षति होगी। उन्होंने कहा कि सरकार संवाद और सहयोग के माध्यम से समस्याओं को हल करने में विश्वास रखती है, न कि टकराव के रास्ते से।
Gorakhpur स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा का बड़ा कवच
शिक्षामित्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए मुख्यमंत्री ने कई कल्याणकारी योजनाओं का एलान किया:
- कैशलेस स्वास्थ्य कवर: सभी शिक्षामित्रों को अब प्रधानमंत्री योजना के तहत सालाना 5 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा।
- बैंकिंग और तैनाती: मानदेय की पारदर्शिता के लिए सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्हें उनके जिले या नजदीकी विद्यालयों में तैनाती दी जाएगी।
- महिला शिक्षामित्रों को राहत: विवाहित महिला शिक्षामित्रों के लिए मायके या ससुराल के निकट म्यूचुअल ट्रांसफर की विशेष सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
Gorakhpur शिक्षा के क्षेत्र में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से बड़ा बदलाव
प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हुए सुधारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के माध्यम से स्कूलों की स्थिति बदली गई है।
- स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 30-36% से बढ़कर अब 96-99% तक पहुँच गई है।
- बच्चों की ‘ड्रॉपआउट’ दर में भारी कमी आई है, जो 19% से घटकर अब मात्र 3% रह गई है।
- वर्तमान में 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को सरकार द्वारा यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्वेटर जैसी आवश्यक चीजें मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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