चिरमिरी: नए भवन में डीएवी स्कूल की प्री-प्राइमरी कक्षाओं का शुभारंभ

- Advertisement -
Swadesh NewsAd image
Chirmiri: Pre-primary classes of DAV School started in new building

स्थान: एमसीबी/छत्तीसगढ़ | दिनांक: 4 जुलाई 2025 | संवाददाता: अविनाश चंद्र
कोयलांचल नगरी चिरमिरी के बरतुंगा क्षेत्र में संचालित डीएवी स्कूल की प्री-प्राइमरी विंग को सुरक्षा कारणों के चलते गोदरीपारा क्षेत्र में स्थानांतरित कर दिया गया है। नए भवन का भव्य उद्घाटन प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने गरिमामयी उपस्थिति में किया।

कोयला उत्खनन से सुरक्षा को देखते हुए किया गया स्थानांतरण

पुराना विद्यालय भवन कोयला खदान के पास स्थित होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बनी हुई थीं। इस पर एसईसीएल चिरमिरी प्रबंधन और जिला प्रशासन ने मिलकर यह निर्णय लिया कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं को विवेकानंद भवन, गोदरीपारा के पास के सुरक्षित भवन में स्थानांतरित किया जाए।

उद्घाटन समारोह में गणमान्य लोग रहे उपस्थित

उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अलावा एसईसीएल चिरमिरी के महाप्रबंधक अशोक कुमार, महापौर राम नरेश राय और अन्य कई अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सभी ने नई शुरुआत के लिए विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं।

7 जुलाई से कक्षाएं होंगी नियमित

जानकारी के अनुसार, नए भवन में चार कक्षाएं स्थापित की गई हैं, जिनमें 7 जुलाई 2025 से नियमित रूप से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना प्रशासन और विद्यालय की प्राथमिकता है।

Ticket Checking Drive: मधुपुर रेलवे स्‍टेशन पर स्‍पेशल चेकिंग, 86 पैसेंजर्स बिना टिकट धरे गए

Ticket Checking Drive: झारखंड के देवघर जिले में स्थित मधुपुर रेलवे स्टेशन

Chanakya Niti : पुराने से पुराने दुश्मन को कैसे जीतें? आचार्य चाणक्य ने बताए हैं ये खास तरीके

Chanakya Niti : आचार्य चाणक्य भारत के महान राजनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और नीति-निर्माता

Horoscope : आज का राशिफल, जानिए मेष से मीन तक सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन

Horoscope : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का

Jharkhand GI Tag : वैश्विक मंच पर चमकेगी झारखंड की विरासत: राज्य के 11 और उत्पादों को मिला जीआई टैग

Jharkhand GI Tag झारखंड सरकार राज्य की मृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठी लोक