BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक अहम आदेश जारी करते हुए कहा कि आधार कार्ड को अब बिहार में मतदाता सूची से जुड़े दस्तावेजों की सूची में 12वें प्रमाण के रूप में शामिल किया जाएगा। यह फैसला उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो वोटर आईडी बनवाने या वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए पुराने दस्तावेज पेश नहीं कर पा रहे थे।
चुनाव आयोग को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया कि वह अपने अधिकारियों को निर्देश जारी करे कि आधार कार्ड को वैध दस्तावेज मानकर वोटर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में स्वीकार किया जाए।
नागरिकता का प्रमाण नहीं होगा आधार
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आधार कार्ड को नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा। अधिकारियों को इसकी प्रामाणिकता और वास्तविकता की जांच करने का अधिकार रहेगा।
SIR के तहत दस्तावेजों की सूची में बदलाव
बिहार में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान चुनाव आयोग ने नागरिकता साबित करने के लिए 11 दस्तावेजों की सूची जारी की थी। अब इस सूची में आधार कार्ड को भी जोड़ दिया गया है।
मतदाताओं के लिए राहत
इस फैसले के बाद बिहार के वे लोग, जिनके पास पुराने दस्तावेज नहीं हैं, अब आधार कार्ड दिखाकर अपना नाम वोटर लिस्ट में दर्ज करवा सकेंगे।





