BY: Yoganand Shrivastva
उत्तर प्रदेश: बाराबंकी जिले में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा हुआ। टिकैतनगर थाना क्षेत्र के सराय बरई गांव में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार विस्फोट हो गया। धमाका इतना तेज था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
विस्फोट के बाद मचा अफरा-तफरी
विस्फोट के तुरंत बाद फैक्ट्री में आग लग गई और आस-पास के घरों तक झटके महसूस किए गए। धमाके के बाद आसपास के लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। मौके पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया। आग पर काफी मशक्कत के बाद काबू पाया गया।
अधिकारियों ने मौके पर लिया जायजा
घटना की सूचना मिलते ही डीएम, एसपी और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके को घेरकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से फैक्ट्री के आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया है।
आईजी अयोध्या का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए आईजी अयोध्या प्रवीण कुमार ने बताया कि फैक्ट्री को भंडारण और निर्माण दोनों के लिए लाइसेंस प्राप्त था। विस्फोट किस कारण हुआ, इसका पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि यह हादसा धूम्रपान या किसी अन्य कारण से हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। फिलहाल आग पूरी तरह बुझा दी गई है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से सतर्कता बरती जा रही है।
विस्फोट के समय बरतें ये सावधानियां
- घबराएं नहीं, शांत रहकर सुरक्षित स्थान पर जाएं।
- विस्फोट स्थल से जितनी जल्दी संभव हो, दूरी बना लें।
- अगर आप खुले स्थान पर हैं, तो नीचे झुक जाएं और सिर को हाथों से ढक लें।
- आंखों को तेज रोशनी से बचाएं।
- आग लगी हो तो उससे दूर रहें और तुरंत अग्निशमन दल को सूचना दें।
- घायलों को प्राथमिक उपचार दें और उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं।
राज्य में पहले से हाई अलर्ट जारी
दिल्ली में लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद से ही उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। सरकार के निर्देश पर सभी बार्डर, चौराहों और संवेदनशील इलाकों में सघन चेकिंग की जा रही है। संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की तलाशी ली जा रही है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।बाराबंकी की यह घटना प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर रही है, जबकि जांच एजेंसियां विस्फोट के वास्तविक कारणों की पड़ताल में जुटी हुई हैं।





