रिपोर्ट- वंदना रावत, चंदन वर्मा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) के पांचवें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया। अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना की और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमें काल की गति से दो कदम आगे चलना पड़ेगा, क्योंकि जो व्यक्ति समय की गति को नहीं समझ पाता, वह उसकी चपेट में आ जाता है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर हम समय के साथ नहीं चलेंगे, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।

20 बेड से 1375 बेड तक का सफर
योगी आदित्यनाथ ने RMLIMS के 19 साल के सफर को याद किया, जो 20 बेड के एक छोटे संस्थान से बढ़कर आज 1375 बेड का एक आधुनिक संस्थान बन गया है। उन्होंने कहा, “यह संस्थान एक ऐसा उदाहरण है जिसने अपनी संस्कृति और सेवा से यह उपलब्धि हासिल की है।” सीएम ने बताया कि मात्र 5 साल में ही यह संस्थान प्रदेश के शीर्ष संस्थानों, जैसे KGMU और SGPGI, के बाद तीसरे स्थान पर आ गया है। यह दर्शाता है कि संस्थान सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
पूर्वी यूपी, बिहार और नेपाल के लिए उम्मीद
सीएम ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि RMLIMS की भौगोलिक स्थिति इसे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और नेपाल के मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनाती है। उन्होंने कहा कि अगर संस्थान अपनी व्यवस्थाओं को और बेहतर नहीं करेगा, तो मरीज और उनके परिजन अपना भरोसा खो देंगे और कहीं और चले जाएंगे।
कोविड और इंसेफेलाइटिस पर सफलता
सीएम योगी ने कोविड-19 महामारी के दौरान RMLIMS के योगदान की सराहना की। उन्होंने बताया कि कैसे शुरुआत में लैब और ICU की कमी के बावजूद, KGMU, SGPGI और RMLIMS ने मिलकर डिजिटल और वर्चुअल ICU स्थापित किए और तकनीक का इस्तेमाल करके महामारी से लड़ने में मदद की।
उन्होंने टेली-कंसल्टेंसी को और उन्नत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि लोग बिना लंबी कतारों में लगे घर बैठे ही चिकित्सा परामर्श ले सकें।
अपने संबोधन में, उन्होंने पूर्वी यूपी में इंसेफेलाइटिस बीमारी से 50,000 बच्चों की मौत का दर्दनाक इतिहास साझा किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 से 2020 के बीच उनकी सरकार के प्रयासों से इस बीमारी को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया।
न्यूरोसाइंस में नई उपलब्धि
समारोह के दौरान, एडवांस न्यूरोसाइंस डिपार्टमेंट का भी लोकार्पण हुआ, जिसमें गामा नाइफ मशीन लगाई गई है। सीएम ने इसे न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया।





