BY: MOHIT JAIN
पंजाब में हाल ही में आई भयावह बाढ़ ने जहां लोगों के घर और जीवन अस्त-व्यस्त कर दिए, वहीं अब स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी सामने आने लगी हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए नई दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल की मेडिकल टीम राहत अभियान के तहत पंजाब पहुंची है।
एम्स के डायरेक्टर प्रोफेसर एम. श्रीनिवास और मेडिकल सुप्रीडेंट डॉ. निरुपम मदान के नेतृत्व में टीम ने अलग-अलग जिलों में जाकर हजारों लोगों का हेल्थ चेकअप किया। इस दौरान सबसे अधिक बुखार, सर्दी-जुकाम, गले की समस्या और त्वचा रोगों के मामले सामने आए।
3,000 से ज्यादा लोगों का किया हेल्थ चेकअप
एम्स के डॉक्टरों ने अजनाला, सिद्धे वाला रामदास, गुरदासपुर और फिरोजपुर जैसे प्रभावित इलाकों का दौरा किया। सहायक प्रोफेसर डॉ. अमरिंदर सिंह के अनुसार, अब तक करीब 3,000 से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि बुखार, ऊपरी श्वसन तंत्र में संक्रमण और एक्यूट गैस्ट्रोएंटेराइटिस के मरीज बड़ी संख्या में पाए गए हैं। डिहाइड्रेशन से पीड़ित बच्चों का भी नियमित उपचार किया जा रहा है। टीम ने जरूरतमंद लोगों को एंटीफंगल, एंटीबायोटिक्स, ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन और दर्द से राहत देने वाली दवाएं उपलब्ध कराईं।
डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीज भी सामने आए
चौंकाने वाली बात यह रही कि राहत अभियान के दौरान कई ऐसे मरीज मिले जो डायबिटीज से पीड़ित थे, लेकिन उन्हें अपनी बीमारी के बारे में जानकारी ही नहीं थी। टीम ने हाई ब्लड प्रेशर की भी जांच की। इस बार राहत शिविर उन इलाकों में लगाए गए, जहां पहले कभी चिकित्सीय सहायता नहीं पहुंची थी। बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को ध्यान में रखते हुए टीम ने सीधे घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच की।
टेलीमेडिसिन हेल्पलाइन की तैयारी
डॉ. सिंह ने बताया कि एम्स जल्द ही पंजाब और आसपास के राज्यों में बाढ़ प्रभावित मरीजों के लिए एक टेलीमेडिसिन हेल्पलाइन शुरू करने की योजना बना रहा है। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि सामान्य बीमारियों से बचने के लिए पीने के पानी को उबालकर ही सेवन करें और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें।





