BY: Yoganand Shrivastava
नेपाल: जारी भीषण हिंसा और विरोध प्रदर्शनों के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। सोशल मीडिया प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया था, जिसके बाद हालात लगातार बिगड़ते गए। पुलिस कार्रवाई में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग घायल हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि ओली जल्द ही नेपाल छोड़ सकते हैं।
उप प्रधानमंत्री को मिली जिम्मेदारी, अंतरिम सरकार की मांग
सूत्रों के मुताबिक, इस्तीफे के बाद ओली ने सत्ता की कमान उप प्रधानमंत्री को सौंप दी है। हालांकि, प्रदर्शनकारी एक अंतरिम सरकार के गठन और संसद भंग कर नए चुनाव की मांग पर अड़े हैं।
नेताओं के घरों पर हमले, आगजनी जारी
हिंसा के दूसरे दिन मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने कई मंत्रियों और नेताओं के घरों पर हमले किए। विपक्षी नेता पुष्प कमल दहल (प्रचंड) और शेर बहादुर देउबा के आवास पर भी हमला हुआ। गृह मंत्री और संचार मंत्री के घरों में आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं।
मंत्रियों का सामूहिक इस्तीफा
सरकार के कई मंत्री पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव, और गृह मंत्री रमेश लेखक समेत कई नेताओं ने हिंसक हालात की जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया है।
नेपाल की राजनीति इस समय गहरे संकट में है, और हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरे क्षेत्र की नजरें टिकी हुई हैं।





