BY: Yoganand Shrivastva
काठमांडू, नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन भड़क गए हैं। अब तक हुई झड़पों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालात बिगड़ने के बीच गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे का ऐलान किया है। वहीं, राजधानी समेत कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है और देशभर की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
सोशल मीडिया बैन से शुरू हुआ विरोध
नेपाल सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया कंपनियों को देश में संचालन के लिए स्थानीय पंजीकरण (लोकल रजिस्ट्रेशन) अनिवार्य किया था। 7 दिन की समयसीमा खत्म होने के बाद जब Meta, Google, X (Twitter) जैसी बड़ी कंपनियां रजिस्टर नहीं हुईं, तो सरकार ने आधी रात से सभी प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने का आदेश दिया। सरकार का दावा है कि यह कदम फेक न्यूज रोकने और साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए उठाया गया।
युवाओं का गुस्सा और सरकार पर आरोप
सोशल मीडिया प्रतिबंध के बाद युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सिर्फ तकनीकी कदम नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। उनका आरोप है कि सरकार की यह कार्रवाई तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शाती है। प्रदर्शनकारी भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सरकारी नाकामी के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे हैं।
पीएम ओली का सख्त रुख
प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने संसद में बयान दिया कि देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कानून का पालन करना होगा। सरकार का कहना है कि यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया, जिसमें सभी प्लेटफॉर्म्स को रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने को कहा गया था।
हिंसा पर सेना की तैनाती
स्थिति बिगड़ने पर काठमांडू समेत कई शहरों में कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। संसद भवन के पास प्रतिबंधित इलाके में प्रदर्शनकारियों के घुसने के बाद सेना को सड़कों पर उतारा गया। प्रदर्शनकारियों ने दमक में ईस्ट-वेस्ट हाईवे जाम कर दिया और पीएम ओली के आवास पर पथराव भी किया।
गृह मंत्री का इस्तीफा
सोमवार को हुई कांग्रेस की बैठक में गृह मंत्री रमेश लेखक ने कहा कि विरोध प्रदर्शनों में हुई ‘अकल्पनीय जनहानि’ के चलते वे नैतिक आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका इस्तीफा औपचारिक रूप से जल्द स्वीकार किया जा सकता है।
बढ़ा हुआ कर्फ्यू और सुरक्षा कड़ी
काठमांडू जिला प्रशासन ने कर्फ्यू का दायरा बढ़ाकर अब राष्ट्रपति भवन, उपराष्ट्रपति आवास, प्रधानमंत्री निवास सिंहदरबार क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों को शामिल कर लिया है। सीमा पार से उपद्रवियों की घुसपैठ रोकने के लिए भारत-नेपाल सीमा पर भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
10 पॉइंट्स में अब तक की स्थिति
- नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए स्थानीय पंजीकरण अनिवार्य किया, डेडलाइन खत्म होने पर प्लेटफॉर्म्स ब्लॉक कर दिए।
- Meta, Alphabet और X जैसी किसी भी वैश्विक कंपनी ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया।
- युवाओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
- अब तक हुई झड़पों में 20 से ज्यादा लोगों की मौत, कई घायल।
- गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने संसद के पास कर्फ्यू तोड़कर घुसने की कोशिश की।
- दमक और काठमांडू समेत कई शहरों में पथराव, आगजनी और सड़क जाम।
- पीएम ओली ने कहा कि देश की गरिमा और कानून सर्वोपरि, सोशल मीडिया कंपनियों को नियम मानने होंगे।
- गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे का ऐलान किया।
- सुरक्षा हालात को देखते हुए कर्फ्यू का दायरा बढ़ाया गया और सेना तैनात।
- भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, सभी परीक्षाएं रद्द की गईं।





