रिपोर्ट- इम्तियाज अंसारी
मधुपुर (देवघर)
झारखंड में एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) की रोक के बावजूद बालू माफियाओं के हौसले कम होने का नाम नहीं ले रहे। देवघर जिले के मधुपुर थाना क्षेत्र से सामने आई तस्वीरें हैरान करने वाली हैं।
पतरो नदी घाट से जारी धड़ल्ले से बालू उठाव
मधुपुर थाना क्षेत्र के दलहा पंचायत अंतर्गत बांक गांव स्थित पतरो नदी घाट से प्रतिदिन अवैध रूप से बालू की सप्लाई की जा रही है।
- सुबह से लेकर दिन के उजाले तक दर्जनों ट्रैक्टरों में बालू भरकर ले जाया जाता है।
- यह बालू बिहार समेत रेलवे के बड़े निर्माण कार्यों तक भेजा जा रहा है।
- स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस अवैध कारोबार में बालू माफिया बेखौफ होकर सक्रिय हैं।
प्रशासन की बेरुखी पर सवाल
सबसे बड़ी हैरानी की बात यह है कि इस पूरे खेल पर रोक लगाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा। न ही प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई हो रही है और न ही पुलिस की सख्ती देखने को मिल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बालू माफियाओं को प्रशासन का कोई भय नहीं है, यही कारण है कि खुलेआम नदी घाट से बालू उठाव हो रहा है।
बड़ा सवाल: कार्रवाई कब होगी?
एनजीटी के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अवैध बालू उठाव जारी रहना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि आखिर इस खेल पर प्रशासन कब नकेल कसता है और बालू माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई कब होगी।





