अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नया कार्यकारी आदेश (Executive Order) साइन कर दिया है। इसके तहत कई देशों से अमेरिका में आने वाले आयात पर भारी-भरकम टैरिफ (शुल्क) लगा दिया गया है। यह आदेश 7 अगस्त से लागू होगा और इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल तेज हो गई है।
भारत, दक्षिण अफ्रीका और सीरिया पर सख्त रुख
इस नए आदेश में भारत, ताइवान, दक्षिण अफ्रीका और सीरिया जैसे देशों को प्रमुख रूप से निशाना बनाया गया है।
- भारत: अब तक 10% बेसलाइन टैरिफ था, जिसे बढ़ाकर 25% कर दिया गया है।
- दक्षिण अफ्रीका: आयात पर 30% शुल्क लगाया गया है।
- सीरिया: सबसे ज्यादा 41% टैरिफ का ऐलान किया गया है।
- ताइवान: अब 20% टैरिफ देना होगा।
किन देशों पर कितना टैरिफ लगा?
ट्रंप प्रशासन ने कई देशों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है।
- 41% तक: सीरिया
- 40%: लाओस और म्यांमार
- 39%: स्विट्जरलैंड
- 35%: कनाडा, सर्बिया और इराक
- 30%: दक्षिण अफ्रीका, अल्जीरिया और लीबिया
- 10% बेसलाइन: वे देश जिनका नाम इस आदेश में शामिल नहीं किया गया है
कनाडा को बड़ा झटका
कनाडा पर पहले 25% टैरिफ लगाया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 35% कर दिया गया है। इसका मुख्य कारण फेंटेनाइल (Fentanyl) विवाद बताया जा रहा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि कनाडा अवैध दवाओं की बढ़ती तस्करी को रोकने में विफल रहा है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
व्हाइट हाउस प्रशासन का दावा है कि यह आदेश कई हफ्तों की तैयारियों और अंतरराष्ट्रीय बैठकों के बाद लाया गया है। इसका उद्देश्य:
- अमेरिकी उद्योगों और नौकरियों की रक्षा
- अवैध दवाओं और असंतुलित व्यापार को रोकना
- वैश्विक व्यापार में अमेरिका की स्थिति मजबूत करना
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अमेरिका और प्रभावित देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है।
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चीन पर कोई बदलाव नहीं
चीन पर पहले से ही मई 2025 के Executive Order 14298 के तहत टैरिफ लागू हैं। इस नए आदेश में चीन से जुड़े टैरिफ में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
डोनाल्ड ट्रंप का यह टैरिफ फैसला कई देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है। जहां भारत जैसे देशों के लिए यह चुनौतीपूर्ण है, वहीं कनाडा और सीरिया जैसे देशों को सबसे ज्यादा झटका लगा है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि वैश्विक व्यापार पर इसका क्या असर पड़ता है।





