5 किमी दूर स्कूल? अब यूपी सरकार देगी ₹6000 हर साल – जानिए नियम

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UP छात्र सहायता योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा की पहुंच को और बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। अगर आपके घर से स्कूल की दूरी 5 किलोमीटर या उससे ज्यादा है, तो अब हर साल आपको ₹6000 की सहायता राशि सीधे आपके खाते में दी जाएगी। यह पहल खासतौर पर बुंदेलखंड और पूर्वांचल के दूर-दराज़ इलाकों के छात्रों के लिए लाई गई है, जहां शिक्षा तक पहुंच अभी भी एक चुनौती है।


🔍 योजना का उद्देश्य क्या है?

  • ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच आसान बनाना
  • आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई में प्रोत्साहन देना
  • स्कूल छोड़ने की दर कम करना और उपस्थिति बढ़ाना

📍 किन जिलों में लागू होगी योजना?

यह योजना खासतौर पर उन ज़िलों में लागू होगी जहां सरकारी स्कूल 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं हैं। इसमें शामिल हैं:

  • बुंदेलखंड क्षेत्र: झांसी, चित्रकूट, महोबा, हमीरपुर, जालौन, बांदा
  • पूर्वांचल क्षेत्र: सोनभद्र और आस-पास के ग्रामीण इलाके

👩‍🎓 कौन-कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

योजना के पात्रता मानदंड इस प्रकार हैं:

  • कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राएं
  • जिनका घर से नजदीकी सरकारी स्कूल की दूरी 5 किलोमीटर से अधिक है
  • छात्र को शैक्षणिक सत्र 2025-26 से योजना में नामित होना होगा

💸 कैसे मिलेगा ₹6000 का वार्षिक भत्ता?

  • डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से यह राशि छात्र के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी
  • पहली किस्त 5 सितंबर 2025 तक भेजी जाएगी

आवश्यक दस्तावेज़:

  • स्वघोषणा पत्र, जिसमें यह स्पष्ट हो कि छात्र का घर 5 किमी के दायरे में किसी सरकारी स्कूल से दूर है
  • इस पत्र की सत्यापन प्रक्रिया ग्राम प्रधान, स्कूल प्रिंसिपल और स्थानीय पार्षद द्वारा होगी

📅 उपस्थिति की शर्त क्यों है ज़रूरी?

सरकार केवल आर्थिक मदद ही नहीं दे रही, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहती है कि छात्र नियमित स्कूल जाएं। इसलिए:

  • छात्र की स्कूल उपस्थिति में कम से कम 10% की वृद्धि अनिवार्य है
  • अगर उपस्थिति में यह बढ़ोतरी नहीं होती, तो भविष्य में भत्ता रोका जा सकता है

👧 क्या लड़कियों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ?

बिलकुल। इस योजना में PM SHRI (प्रधानमंत्री स्कूल विकास योजना) के तहत आने वाले 146 सरकारी स्कूलों की छात्राओं को भी शामिल किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना
  • दूरी, सुरक्षा और पारिवारिक कारणों से स्कूल न जाने वाली लड़कियों को लाभ पहुंचाना

🏫 यह योजना क्यों है खास?

  • छात्रों को शिक्षा में स्थायित्व मिलेगा
  • आर्थिक बाधाएं होंगी कम
  • सरकार का स्कूल जाने को लेकर छात्रों में भरोसा बढ़ेगा
  • लड़कियों की शिक्षा को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

📌 योजना से जुड़ी ज़रूरी बातें एक नजर में:

विवरणजानकारी
योजना का नामयूपी छात्र वार्षिक भत्ता योजना
राशि₹6000 प्रति वर्ष
पात्रता9वीं से 12वीं के छात्र, स्कूल की दूरी 5 किमी से अधिक
भुगतान का तरीकाडायरेक्ट बैंक ट्रांसफर (DBT)
दस्तावेज़स्वघोषणा पत्र + ग्राम प्रधान/प्रिंसिपल सत्यापन
लागू क्षेत्रबुंदेलखंड और पूर्वांचल के दूरस्थ जिले
शर्तउपस्थिति में 10% वृद्धि अनिवार्य

🔚 निष्कर्ष: यह सिर्फ मदद नहीं, एक बदलाव है

उत्तर प्रदेश सरकार की यह योजना केवल एक भत्ता नहीं है – यह एक सकारात्मक पहल है जो दूरदराज़ के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। यह संदेश देती है कि सरकार हर उस बच्चे के साथ है जो पढ़ना चाहता है, चाहे उसका स्कूल घर से 5 किलोमीटर दूर ही क्यों न हो।

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