BY: Yoganand Shrivastva
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर विश्व मंच पर भारत की आवाज को बुलंद करने निकल पड़े हैं — और इस बार, मिशन है ‘ग्लोबल साउथ’ को नई ताकत देना। 8 दिन और 5 देश, यह सिर्फ एक दौरा नहीं, बल्कि भारत की सॉफ्ट पावर, रणनीतिक कूटनीति और वैश्विक नेतृत्व का इम्तिहान है। प्रधानमंत्री मोदी घाना, त्रिनिदाद-टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की यात्रा पर हैं — ये वो देश हैं जो ‘ग्लोबल साउथ’ की नई पहचान गढ़ रहे हैं, और भारत उनका नेतृत्व करता दिख रहा है।
भारत की वैश्विक भूमिका को फिर से परिभाषित करता है ये दौरा
यह पीएम मोदी की 2015 के बाद सबसे लंबी विदेश यात्रा है। तब वे रूस और मध्य एशिया के 5 देशों के दौरे पर थे। अब 2025 में, यह दौरा सिर्फ राजनयिक यात्रा नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल साउथ’ में भारत के प्रभाव का प्रमाणपत्र बनकर सामने आ रहा है।
. घाना – 30 साल बाद किसी पीएम की ऐतिहासिक यात्रा
पश्चिम अफ्रीका के इस खनिज-समृद्ध देश में मोदी की मौजूदगी कई मायनों में ऐतिहासिक रही। 2–3 जुलाई को पीएम ने घाना की संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया और उन्हें वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी मिला। लिथियम जैसे रणनीतिक खनिजों को लेकर भारत-घाना के बीच साझेदारी और प्रगाढ़ होगी।
त्रिनिदाद और टोबैगो – भारतीय प्रवासियों की मिट्टी में अपनेपन की गूंज
3–4 जुलाई को प्रधानमंत्री त्रिनिदाद-टोबैगो पहुंचे — जहां 45% आबादी भारतीय मूल की है। साल 1845 से 1917 के बीच 1.17 लाख भारतीय मजदूरी के लिए यहां लाए गए थे। आज उनकी पीढ़ियाँ राजनीति, शिक्षा, संस्कृति हर क्षेत्र में आगे हैं। पीएम मोदी की यात्रा से भारत की प्रवासी कूटनीति को मजबूती मिली।
अर्जेंटीना – 57 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री
4–5 जुलाई को पीएम अर्जेंटीना पहुंचे — यह यात्रा 1968 के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। सिंधी और पंजाबी प्रवासियों की उपस्थिति, लिथियम भंडार, और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में साझेदारी पर जोर रहा। यह यात्रा रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से भारत-अर्जेंटीना संबंधों के लिए मील का पत्थर बनी।
ब्राजील – BRICS सम्मेलन और द्विपक्षीय रिश्तों का समावेश
5–8 जुलाई को प्रधानमंत्री ब्राजील में रहेंगे। वे रियो डी जेनेरियो और ब्रासीलिया में BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। इस बार ब्रिक्स की मेजबानी ब्राजील कर रहा है और अगली बार भारत करेगा। दोनों देशों के बीच 12.20 अरब डॉलर का व्यापार, साथ ही रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, जैव ईंधन और कृषि के क्षेत्रों में गहरा संबंध है।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज लूला दा सिल्वा और पीएम मोदी की पिछले दो सालों में चार बार मुलाकात हो चुकी है। यह बताता है कि भारत-ब्राजील की दोस्ती केवल राजनीतिक नहीं, सांस्कृतिक और रणनीतिक आधारों पर भी मजबूत हो रही है।
नामीबिया – जहां से लौटे थे भारत के चीते
9 जुलाई को पीएम मोदी नामीबिया जाएंगे। 27 साल बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा होगी। भारत-नामीबिया के रिश्ते 2022 में चर्चा में आए थे, जब नामीबिया से 8 चीते भारत लाए गए थे। वन्यजीव संरक्षण, खनिज संपदा, और डिजिटल ट्रेनिंग के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी इस यात्रा से और गहरी होगी।
भारत बन रहा है ‘ग्लोबल साउथ’ की बुलंद आवाज
इस मेगा यात्रा के जरिए पीएम मोदी ने एक बार फिर साबित किया है कि भारत अब सिर्फ उभरती शक्ति नहीं, बल्कि नीति-निर्माता की भूमिका में है। ग्लोबल साउथ के देशों में भारत की स्वीकार्यता, उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जड़ें और तकनीकी ताकत, अब वैश्विक मंच पर नेतृत्व का दावा मजबूत करती हैं।





