साउथ सुपरस्टार कमल हासन की अपकमिंग फिल्म ‘ठग लाइफ’ विवादों में घिर गई है। कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) ने साफ कहा है कि जब तक अभिनेता कमल हासन कन्नड़ भाषा को लेकर की गई टिप्पणी पर सार्वजनिक माफ़ी नहीं मांगते, तब तक फिल्म को कर्नाटक में रिलीज़ नहीं होने दिया जाएगा।
KFCC की सख्त चेतावनी: 30 मई तक मांगे माफ़ी
KFCC के अध्यक्ष एम. नरसिम्हालु ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कई कन्नड़ संगठनों ने ‘ठग लाइफ’ पर बैन लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा:
“हमने इस मुद्दे पर गहराई से चर्चा की और यह निर्णय लिया कि कमल हासन को सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। KFCC के पदाधिकारी उनसे संपर्क कर बात करने की कोशिश कर रहे हैं।”
वहीं KFCC के पूर्व अध्यक्ष सा. रा. गोविंदू ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा:
“अगर कमल हासन 30 मई तक माफ़ी नहीं मांगते हैं, तो हम फिल्म को कर्नाटक में किसी भी हाल में रिलीज़ नहीं होने देंगे। हम कन्नड़ कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर इसका विरोध करेंगे।”
विवाद की जड़: कमल हासन की भाषा संबंधी टिप्पणी
यह विवाद 24 मई को चेन्नई में फिल्म ‘ठग लाइफ’ के ऑडियो लॉन्च इवेंट के दौरान सामने आया। कमल हासन ने मंच से कन्नड़ एक्टर शिव राजकुमार की ओर इशारा करते हुए कहा:
“शिव राजकुमार मेरे परिवार जैसे हैं। मैंने अपनी बात जीवन, संबंध और तमिल से शुरू की। आपकी भाषा (कन्नड़) तमिल से निकली है, इसलिए आप भी हमारे ही हिस्से हैं।”
इस टिप्पणी को लेकर कन्नड़ संगठनों में भारी नाराज़गी है। उन्हें यह बयान कन्नड़ भाषा के अस्तित्व को कमतर बताने वाला लगा।
“कन्नड़ तमिल से उत्पन्न नहीं हुई” – जयमाला
KFCC की पूर्व अध्यक्ष और लोकप्रिय अभिनेत्री जयमाला ने कमल हासन की टिप्पणी को गलत ठहराया। उन्होंने कहा:
- “कभी भी जब भाषा पर विवाद हो, तो सभी कन्नड़ लोगों को एकजुट होना चाहिए।”
- “कन्नड़, तमिल से उत्पन्न नहीं हुई है। यह एक स्वतंत्र और समृद्ध भाषा है।”
- “अगर कमल हासन ने जानबूझकर या अनजाने में ऐसा कहा है, तो उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए। इसमें कोई शर्म की बात नहीं है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि माफ़ी माँगना एक नैतिक ज़िम्मेदारी है और कमल हासन को कन्नड़ जनता की भावनाओं को समझते हुए आगे आना चाहिए।
क्या ‘ठग लाइफ’ की कर्नाटक में होगी रिलीज़?
इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ‘ठग लाइफ’ कर्नाटक में रिलीज़ हो पाएगी या नहीं। अगर कमल हासन 30 मई तक सार्वजनिक रूप से माफ़ी नहीं मांगते, तो KFCC और कन्नड़ संगठनों के विरोध के चलते फिल्म की रिलीज़ रोक दी जाएगी।
निष्कर्ष
कमल हासन जैसे बड़े अभिनेता के लिए यह विवाद निश्चित रूप से एक चुनौतीपूर्ण मोड़ है। भाषा और सांस्कृतिक भावनाओं को लेकर दक्षिण भारत में संवेदनशीलता हमेशा रही है, और ऐसे में सार्वजनिक बयान बेहद सोच-समझकर देने की ज़रूरत होती है।





