24 April 2026 Panchang : 24 अप्रैल को बगलमुखी जयंती मनाई जाएगी। इसके साथ ही मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत भी रखा जाएगा। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं 24 अप्रैल 2026 का शुभ मुहूर्त क्या है। साथ ही जानेंगे राहुकाल और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

24 April 2026 Panchang : 24 अप्रैल को वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और शुक्रवार का दिन है। अष्टमी तिथि शुक्रवार शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। 24 अप्रैल को रात 8 बजकर 15 मिनट तक पुष्य नक्षत्र रहेगा। इसके अलावा शुक्रवार को श्री बगलामुखी जयंती है। साथ ही 24 अप्रैल को दुर्गाष्टमी का व्रत भी किया जाएगा। तो चलिए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं 24 अप्रैल, शुक्रवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।
24 अप्रैल 2026 का पंचांग (24 April 2026 Panchang) :
वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि-24 अप्रैल 2026 को शाम 7 बजकर 22 मिनट तक
पुष्य नक्षत्र- 24 अप्रैल 2026 को रात 8 बजकर 15 मिनट तक
रवि योग- 24 अप्रैल 2026 को रात 8 बजकर 14 मिनट से 25 अप्रैल को सुबह 6 बजकर 14 मिनट तक
24 अप्रैल 2026 व्रत-त्यौहार- बगलामुखी जयंती, दुर्गाष्टमी व्रत
शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- 04:45 ए एम से 05:30 ए एम
अभिजित मुहूर्त- 12:11 पी एम से 01:02 पी एम
विजय मुहूर्त- 02:44 पी एम से 03:35 पी एम
गोधूलि मुहूर्त- 06:57 पी एम से 07:20 पी एम
अमृत काल – 02:01 पी एम से 03:35 पी एम
राहुकाल का समय
दिल्ली- सुबह 10:41 से दोपहर 12:20 तक
मुंबई- दोपहर पहले 11:02 से दोपहर 12:37 तक
चंडीगढ़- सुबह 10:43 से दोपहर 12:21 तक
लखनऊ- सुबह 10:27 से दोपहर 12:05 तक
भोपाल- सुबह 10:42 से दोपहर 12:19 तक
कोलकाता- सुबह 09:59 से दोपहर पहले 11:35 तक
अहमदाबाद- दोपहर पहले 11:01 से दोपहर 12:38 तक
चेन्नई- सुबह 10:33 से दोपहर 12:07 तक
सूर्योस्त-सूर्यास्त का समय
सूर्योदय-सुबह 5:46 AM
सूर्यास्त- शाम 6:51 PM
बगलामुखी जयंती
वैशाख शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को देवी बगलामुखी के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। देवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं। इनकी उत्पत्ति सौराष्ट्र के हरिद्रा नामक सरोवर से मानी जाती है और इन्हें पीताम्बरा के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल पीताम्बरा का अर्थ होता है पीले हैं वस्त्र जिसके, यानि जिसने पीले वस्त्र धारण किये हों और देवी बगलामुखी को पीला रंग बहुत ही प्रिय है। देवी मां पीले रंग के वस्त्र धारण करती हैं और इनकी पूजा करने वाले व्यक्ति को भी कोशिश करके पीले रंग के ही वस्त्र धारण करने चाहिए। साथ ही देवी मां की पूजा में अधिक से अधिक पीले रंग की चीज़ों का ही इस्तेमाल किया जाता है। मां बगलामुखी को शत्रुनाश की देवी भी कहा जाता है। इनकी नजरों से कोई शत्रु नहीं बच सकता। आज का दिन मां बगलामुखी की उपासना के लिए बहुत ही श्रेष्ठ है।
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