Microsoft Build 2025 इवेंट का का विरोध : इज़राइल डील पर भड़कीं NRI इंजीनियर वानिया अग्रवाल

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माइक्रोसॉफ्ट इंजीनियर वानिया अग्रवाल

मशहूर टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के डेवलपर इवेंट Build 2025 में लगातार तीसरे दिन विरोध प्रदर्शन हुए। इन प्रदर्शनों की सबसे चर्चित आवाज़ बनी हैं भारतीय-अमेरिकी सॉफ्टवेयर इंजीनियर वानिया अग्रवाल, जिन्होंने एक बार फिर माइक्रोसॉफ्ट की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

इससे पहले भी वानिया कंपनी की 50वीं वर्षगांठ के मौके पर सीनियर लीडर्स को ‘शेम’ कहा चुकी हैं। अब वे फिर से चर्चा में हैं, इस बार अपने साथ एक पूर्वकर्मी होस्सम नासर को लेकर आई हैं।


🧑‍💻 क्या हुआ माइक्रोसॉफ्ट Build 2025 में?

  • स्थान: माइक्रोसॉफ्ट का सालाना डेवलपर कॉन्फ्रेंस – Build 2025
  • घटना: वानिया अग्रवाल और होस्सम नासर ने AI सुरक्षा प्रमुख नेटा हाईबी की प्रस्तुति में बाधा डाली।
  • प्रस्तुति का विषय: AI के लिए सुरक्षा के सर्वोत्तम उपाय
  • प्रदर्शन का मुद्दा: माइक्रोसॉफ्ट के इज़राइल सरकार के साथ क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट्स

📌 मुख्य बातें

  • वानिया और होस्सम ने मंच पर चिल्लाते हुए पूछा: “Microsoft, इज़राइली सैन्य अत्याचार का भागीदार क्यों बना हुआ है?”
  • कार्यक्रम की सुरक्षा टीम ने तुरंत दोनों को वहां से बाहर किया।
  • यह घटना माइक्रोसॉफ्ट इवेंट में तीसरे दिन लगातार हुए विरोध का हिस्सा है।

📅 विरोध की पूरी टाइमलाइन

दिनांकविरोध में शामिल व्यक्तिविरोध का स्थान
19 मईएक कर्मचारीCEO सत्या नडेला के भाषण के दौरान
20 मईएक फिलिस्तीनी टेक वर्करAzure AI पर प्रस्तुति के दौरान
21 मईवानिया अग्रवाल और होस्सम नासरAI सुरक्षा सत्र के दौरान

🎤 वानिया अग्रवाल कौन हैं?

  • पद: पूर्व सॉफ्टवेयर इंजीनियर, AI डिवीजन, माइक्रोसॉफ्ट
  • समयावधि: लगभग 1.5 वर्ष तक कंपनी में कार्यरत रहीं
  • प्रसिद्धि: 4 अप्रैल को माइक्रोसॉफ्ट की 50वीं वर्षगांठ पर CEO सत्या नडेला, स्टीव बालमर और बिल गेट्स को सार्वजनिक रूप से लताड़ा
  • उनके शब्द: “शर्म करो! आप सब पाखंडी हो। 50,000 फिलिस्तीनियों की हत्या माइक्रोसॉफ्ट टेक्नोलॉजी से हुई है। उनके खून में जश्न मत मनाओ।”

🚫 ईमेल सेंसरशिप पर विवाद

The Verge की रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने आंतरिक ईमेल में “Palestine” और “Gaza” जैसे शब्दों को अस्थायी रूप से ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। यह कदम कर्मचारियों की आलोचनाओं के बाद आया है।


💼 वानिया को क्यों निकाला गया?

  • वानिया को 50वीं वर्षगांठ वाले प्रदर्शन के तुरंत बाद बिना नोटिस पीरियड के टर्मिनेट कर दिया गया।
  • उनके साथ प्रदर्शन करने वाली एक और कर्मचारी इब्तिहाल अबूसाद को भी “अनुशासनहीनता” के आरोप में नौकरी से निकाला गया।

📸 सोशल मीडिया पर सक्रिय

वानिया ने अपने X (Twitter) हैंडल पर माइक्रोसॉफ्ट Build 2025 के दौरान हो रहे विरोध की कई तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। इनमें कंपनी के बाहर प्रदर्शन, पोस्टर और नारेबाज़ी की झलकियां शामिल हैं।


🌍 सोशल जिम्मेदारी या कंपनी की छवि?

यह घटनाक्रम एक बड़ी बहस को जन्म देता है:

  • क्या टेक कंपनियों को राजनीतिक मुद्दों पर स्टैंड लेना चाहिए?
  • क्या कर्मचारियों के पास कंपनी की नीतियों के खिलाफ आवाज़ उठाने का अधिकार होना चाहिए?

👇 आप क्या सोचते हैं? नीचे कमेंट करें।


🔍 निष्कर्ष

वानिया अग्रवाल और उनके जैसे कर्मचारियों की “डिजिटल असहमति” एक नई बहस को जन्म दे रही है – क्या कॉरपोरेट टेक्नोलॉजी संस्थानों को नैतिक जिम्मेदारियों के तहत वैश्विक मुद्दों पर रुख अपनाना चाहिए? माइक्रोसॉफ्ट Build 2025 सिर्फ तकनीक का नहीं, बल्कि नैतिकता बनाम कॉरपोरेट हितों की लड़ाई का भी मंच बन गया है।

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