अभी भारत-पाक में तनाव घटा पर पाक को सपोर्ट करने वाले चीन की भूमिका कितनी खतरनाक ?

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How China Backed Pakistan Against India After Operation Sindoor"

भारत को 2 मोर्चों पर सतर्क रहना होगा ।

BY: VIJAY NANDAN

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी अड्डों पर किए गए सर्जिकल एक्शन ने न केवल पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया, बल्कि उसके पीछे खड़े चीन को भी बेचैन कर दिया। माना जा रहा है कि चीन ने न केवल पाकिस्तान को भारत के खिलाफ उकसाया, बल्कि तकनीकी और सामरिक मदद देकर भारत विरोधी गतिविधियों को बल दिया। इसके बाद ही पाकिस्तान ने भारतीय सीमाओं पर ड्रोन हमले शुरू किए, जो न सिर्फ सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं बल्कि भारत की रणनीतिक प्रतिक्रिया को भी चुनौती देते हैं।

पाकिस्तान का तिलमिलाना और चीन का खेल

ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान के आतंकी नेटवर्क को गहरा झटका दिया। इन हमलों के बाद पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ता दिखाई दिया। ऐसे में चीन ने अपने ‘स्ट्रैटेजिक पार्टनर’ पाकिस्तान को सहारा दिया। सैन्य उपकरणों, ड्रोन टेक्नोलॉजी और खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान ने पाकिस्तान को एक बार फिर भारत के खिलाफ आक्रामक होने का हौसला दिया।

ड्रोन हमलों की नई साज़िश

पाकिस्तानी सेना की ओर से भारतीय सीमाओं पर ड्रोन भेजने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इन ड्रोन के ज़रिए या तो हथियार गिराए जा रहे हैं या खुफिया जानकारी जुटाने की कोशिश हो रही है। सूत्रों के मुताबिक इनमें से कई ड्रोन चीनी तकनीक से लैस हैं और उन्हें सीमावर्ती क्षेत्रों में भारतीय सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए भेजा जा रहा है।

चीन की मंशा पर सवाल

चीन का ये हस्तक्षेप केवल भारत के खिलाफ एक और मोर्चा खोलने की साज़िश लगती है। वह पाकिस्तान को मोहरा बनाकर भारत की सामरिक स्थिति को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है। इसके पीछे बीआरआई (Belt and Road Initiative) के तहत CPEC प्रोजेक्ट और ग्वादर पोर्ट की सुरक्षा भी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

भारत की रणनीतिक तैयारी

भारत सरकार ने इन चुनौतियों के मद्देनज़र सीमा पर निगरानी और जवाबी कार्रवाई की रणनीति को तेज कर दिया है। BSF और सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है और ड्रोन रोधी तकनीक को और मजबूत किया जा रहा है।

भारत-पाक तनाव के बीच चीन ने पाकिस्तान को किस तरह की मदद पहुंचाई?

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और चीन के रिश्ते और भी सक्रिय हो गए हैं। भारत द्वारा पीओके में आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान को चीन ने खुला समर्थन दिया है। यह समर्थन सिर्फ बयानबाज़ी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जमीन पर रणनीतिक और तकनीकी सहायता के रूप में दिखाई दिया।

यहाँ देखें कि चीन ने पाकिस्तान को किस-किस तरह की मदद दी है:

1. ड्रोन टेक्नोलॉजी में सपोर्ट

चीन ने पाकिस्तान को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक मुहैया कराई, जिनका इस्तेमाल भारतीय सीमा में घुसपैठ, हथियार गिराने और निगरानी जैसे कामों में किया जा रहा है। पाकिस्तान द्वारा पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ड्रोन के ज़रिए हथियार और विस्फोटक गिराने की घटनाएं बढ़ी हैं।


2. खुफिया जानकारी साझा करना

चीनी खुफिया एजेंसियों ने भारतीय फौजी मूवमेंट, LoC की निगरानी और सैटेलाइट डाटा साझा कर पाकिस्तान को ऑपरेशन प्लानिंग में मदद दी। इससे पाकिस्तान को भारतीय जवाबी कार्रवाई से पहले सतर्क होने का मौका मिला।


3. कूटनीतिक स्तर पर साथ देना

चीन ने संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के खिलाफ पाकिस्तान का पक्ष लिया, यह दावा करते हुए कि भारत की कार्रवाई “सीमा पार हस्तक्षेप” है। इसने भारत के खिलाफ कूटनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की।


4. सैन्य उपकरणों और तकनीक की आपूर्ति

चीन ने पाकिस्तान को मिसाइल, रडार सिस्टम और डिफेंस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर किया है। CPEC (चाइना-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर) के जरिए भी चीन पाकिस्तानी सेना को लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा है।


5. आतंकी संगठनों को परोक्ष समर्थन

चीन संयुक्त राष्ट्र में बार-बार जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ प्रस्तावों को वीटो करता रहा है। इससे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर राहत मिलती है और आतंकी संगठनों को परोक्ष संरक्षण भी मिलता है।

भारत-पाक तनाव के इस दौर में चीन की भूमिका केवल “मूक समर्थक” की नहीं, बल्कि एक “सक्रिय साझेदार” की हो गई है। चीन की यह चाल न केवल भारत की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता है, बल्कि यह दक्षिण एशिया में अस्थिरता फैलाने वाली नीति का हिस्सा भी है। भारत को अब दो मोर्चों पर सतर्क रहने की आवश्यकता है—सीधी भिड़ंत पाकिस्तान से और परोक्ष चुनौती चीन से। ऑपरेशन सिंदूर ने जहां एक ओर भारत की सैन्य ताकत और इरादे स्पष्ट किए, वहीं यह भी दिखाया कि हमारे खिलाफ चल रही साज़िशें सिर्फ LOC तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बीजिंग से इस्लामाबाद तक फैली हैं।

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