Winter Session 2026: संसद का शीतकालीन सत्र इस बार राजनीतिक रूप से काफी अहम रहने वाला है। 25 नवंबर 2026 से शुरू होने वाले सत्र को लेकर अभी से सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसकी एक बड़ी वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बहस की चुनौती है। राहुल गांधी सार्वजनिक मंच से प्रधानमंत्री मोदी को खुली बहस के लिए आमंत्रित कर चुके हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस चुनौती पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी को संसद में चर्चा करने की सलाह दी है।
अमित शाह के बयान के बाद अब सवाल उठ रहा है कि क्या आगामी शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच किसी मुद्दे पर सीधी बहस देखने को मिलेगी? फिलहाल प्रधानमंत्री की ओर से राहुल गांधी की चुनौती पर कोई सीधी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बयान ने इस चर्चा को और हवा दे दी है।
Winter Session 2026: अमित शाह ने कहा- चर्चा करनी है तो प्रधानमंत्री को लिखें चिट्ठी
हरियाणा के करनाल में बीजेपी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के बहस वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी वास्तव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ चर्चा करना चाहते हैं तो उन्हें प्रधानमंत्री को पत्र लिखना चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद में चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विशेष रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने की भी बात कही। शाह के मुताबिक, सरकार इस विषय पर संसद में बहस करने से पीछे नहीं हट रही है।
Winter Session 2026: विशेष सत्र नहीं तो शीतकालीन सत्र में हो सकती है चर्चा
अमित शाह के बयान के बाद संसद के आगामी सत्र को लेकर संभावनाएं बढ़ गई हैं। सरकार ने एसआईआर जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की तैयारी दिखाने की बात कही है। ऐसे में यदि अलग से विशेष सत्र नहीं बुलाया जाता है, तो शीतकालीन सत्र में भी इन मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
संसद में एसआईआर, चुनाव प्रक्रिया, ईवीएम और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष पहले भी सवाल उठाता रहा है। दूसरी तरफ सरकार इन आरोपों का जवाब संसद के भीतर देने की बात कह रही है। ऐसे में शीतकालीन सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
Winter Session 2026: शशि थरूर ने कहा- राहुल गांधी का प्रस्ताव अब भी कायम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राहुल गांधी की ओर से दी गई बहस की चुनौती पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया दी है। थरूर ने कहा कि राहुल गांधी का चर्चा करने का प्रस्ताव अभी भी कायम है और संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर इस विषय पर बहस की जा सकती है।
थरूर के मुताबिक, संसद का सत्र अभी औपचारिक रूप से समाप्त नहीं हुआ है और सदन को दोबारा बैठने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि संसद में चर्चा का रास्ता खुला है और राहुल गांधी की ओर से दिया गया प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया है।
Winter Session 2026: राहुल गांधी ने पीएम मोदी को क्या चुनौती दी थी?
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें सार्वजनिक बहस की चुनौती दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी चुनौती दिए जाने के बाद 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा था कि वे बहस के लिए अपनी पसंद का स्थान और समय तय कर सकते हैं। उन्होंने इस चर्चा में मीडिया और देश के युवाओं की मौजूदगी की बात भी कही थी। राहुल ने आरोप लगाया था कि सरकार विपक्ष को देशविरोधी बताती है, इसलिए इस विषय पर आमने-सामने चर्चा होनी चाहिए।
Winter Session 2026: मोहन भागवत को जज बनाने का भी दिया था सुझाव
राहुल गांधी ने अपनी चुनौती के दौरान बहस के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी लिया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री चाहें तो मोहन भागवत को चर्चा का निर्णायक बना सकते हैं।
राहुल गांधी ने बहस के संभावित मुद्दों में कथित विदेशी हस्तक्षेप, देश की आर्थिक व्यवस्था और विपक्ष पर लगाए जाने वाले आरोपों को शामिल किया था। उन्होंने कहा था कि चर्चा किसी भी मंच पर हो सकती है और दोनों पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
Winter Session 2026: बीजेपी नेताओं ने संसद में बहस करने की दी सलाह
राहुल गांधी की चुनौती के बाद बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें संसद में ही चर्चा करने की सलाह दी है। अमित शाह के अलावा केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राहुल गांधी से संसद में एसआईआर और ईवीएम जैसे मुद्दों पर बहस में हिस्सा लेने को कहा था।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि संसद में चर्चा के लिए मंच पहले से मौजूद है और विपक्ष को वहीं अपने सवाल रखने चाहिए। वहीं, कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी की बहस की पेशकश को दोहराया जा रहा है। इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच संसद के आगामी सत्र को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Winter Session 2026: शीतकालीन सत्र में किन मुद्दों पर हो सकती है बहस?
आगामी शीतकालीन सत्र में एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया के अलावा कई अन्य राजनीतिक और संसदीय मुद्दे भी चर्चा में रह सकते हैं। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर सरकार से जवाब मांग सकता है। वहीं, सत्ता पक्ष इन आरोपों पर अपना पक्ष रख सकता है।
ऐसे में संसद के भीतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच सीधी बहस होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। हालांकि, अमित शाह की ओर से विशेष सत्र की पेशकश और शशि थरूर के बयान ने इस संभावना को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जरूर बढ़ा दी हैं। अब सबकी नजरें 25 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र और सरकार-विपक्ष के बीच होने वाली चर्चाओं पर टिकी हैं।


