रिपोर्ट: विशाल दुबे
Mahakaleshwar Temple धर्मनगरी उज्जैन में धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महापर्व का शुभारंभ धार्मिक उल्लास और पारंपरिक विधि-विधान के साथ हुआ। इस पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना आयोजित की गई। बाबा महाकाल के दरबार में दीपोत्सव की शुरुआत करते हुए सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की मंगलकामना की गई। वहीं सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित कुंडेश्वर महादेव मंदिर में भगवान कुबेर के दर्शन और पूजन के लिए भी श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंची।
नंदी हॉल में विधि-विधान से हुआ बाबा महाकाल का पूजन
Mahakaleshwar Temple धनतेरस के अवसर पर सुबह 9 बजे श्री महाकालेश्वर मंदिर के नंदी हॉल में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। पूजन में संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक और पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा शामिल हुए। अधिकारियों ने विधि-विधान से भगवान महाकाल की आराधना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की प्रार्थना की।
इस दौरान भगवान गणेश और माता महालक्ष्मी की पूजा के साथ बाबा महाकाल का पंचामृत अभिषेक और रुद्राभिषेक किया गया। पुरोहित समिति की परंपरा के अनुसार धन के देवता भगवान कुबेर और चांदी के सिक्कों का भी पूजन किया गया। बाबा महाकाल को चांदी का सिक्का अर्पित कर जनकल्याण और विश्व कल्याण की कामना की गई। धार्मिक मान्यता के अनुसार धनतेरस पर इस प्रकार का पूजन धन-वैभव के साथ परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
कुबेर मंदिर में 1100 साल पुरानी प्रतिमा के हुए दर्शन
Mahakaleshwar Temple धनतेरस पर उज्जैन के सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित कुंडेश्वर महादेव मंदिर में विराजित भगवान कुबेर की प्राचीन प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। यहां स्थापित भगवान कुबेर की चतुर्भुज प्रतिमा करीब 1100 वर्ष पुरानी बताई जाती है। धनतेरस के दिन विशेष रूप से भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है।
मान्यता के अनुसार इस दिन प्रतिमा की नाभि पर घी और इत्र का लेप लगाया जाता है। श्रद्धालु मिष्ठान, फल और सुगंधित सामग्री अर्पित कर घर में धन-धान्य और वैभव बनाए रखने की प्रार्थना करते हैं। इस विशेष अनुष्ठान में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और भगवान कुबेर का आशीर्वाद लिया।
धनतेरस से जुड़ी है धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की आराधना
Mahakaleshwar Temple धार्मिक मान्यताओं में धनतेरस का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार लोग इस अवसर पर सोना-चांदी, बर्तन और अन्य धातुओं की खरीदारी को शुभ मानते हैं। मान्यता है कि धनतेरस पर विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है।
महाकाल की नगरी में बाबा महाकाल के पूजन के साथ दीपोत्सव का आगाज होने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। अब दीपावली तक उज्जैन के विभिन्न मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों और विशेष आयोजनों का सिलसिला जारी रहेगा।


