रिपोर्ट- सोमनाथ मिश्रा
Ganja Smuggling : जबलपुर, मध्यप्रदेश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में जबलपुर पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए 871 किलोग्राम अवैध गांजा जब्त किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। पुलिस ने इस मामले में ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गांजे की यह खेप ओडिशा की तरफ से मध्यप्रदेश लाई जा रही थी।
पुलिस की इस कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजे की इतनी बड़ी खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Ganja Smuggling : मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रोका संदिग्ध ट्रक
जानकारी के मुताबिक, जबलपुर पुलिस को सूचना मिली थी कि ओडिशा की तरफ से एक बड़े वाहन में भारी मात्रा में गांजे की तस्करी की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों ने संबंधित टीम को सक्रिय किया। इसके बाद पुलिस टीम और क्राइम ब्रांच ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की योजना बनाई।
पुलिस ने गोसलपुर थाना क्षेत्र में संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान ट्रक में बोरियों के अंदर बड़ी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया था। जब पुलिस ने बोरियों की जांच की तो उसमें 871 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इतनी बड़ी मात्रा में गांजा मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल ट्रक को जब्त कर उसमें सवार दोनों व्यक्तियों को हिरासत में ले लिया।
Ganja Smuggling : 4 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही कीमत
पुलिस के मुताबिक, जब्त किए गए गांजे की अनुमानित अंतरराष्ट्रीय कीमत 4 करोड़ रुपये से अधिक है। इतनी बड़ी खेप की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि तस्करी के पीछे एक संगठित नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। हालांकि, इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और गांजे की अंतिम सप्लाई से जुड़ी जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गांजा कहां से लोड किया गया था, इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और इस पूरे कारोबार में किन लोगों की भूमिका है।
Ganja Smuggling : पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी
पुलिस ने ट्रक में सवार जिन दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनकी पहचान विक्रम निवासी पश्चिम बंगाल और धर्मवीर निवासी उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। बताया गया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक ट्रक का मालिक भी है।
पुलिस अब दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य तस्करी के पूरे रास्ते, गांजे के स्रोत और इसके खरीदारों की जानकारी जुटाना है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की तस्करी में शामिल रहे हैं।
Ganja Smuggling : पांच दिन की पुलिस रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। इस दौरान पुलिस उनसे गांजे की खेप से संबंधित कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब हासिल करने का प्रयास करेगी।
पुलिस यह जानना चाहती है कि ओडिशा से गांजे की खेप किसके निर्देश पर रवाना हुई थी, परिवहन के लिए ट्रक का इस्तेमाल कैसे किया गया और मध्यप्रदेश में इसकी सप्लाई किसे दी जानी थी। इसके साथ ही तस्करी के संभावित संपर्कों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
Ganja Smuggling : पुलिस नेटवर्क के दूसरे लोगों की तलाश में जुटी
जबलपुर पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजे का परिवहन केवल दो लोगों तक सीमित मामला नहीं हो सकता। इसके पीछे सप्लायर, खरीदार और परिवहन से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की आशंका को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय ने इस कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। फिलहाल पुलिस की जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि 871 किलो गांजे की यह खेप जबलपुर या मध्यप्रदेश के किस इलाके में पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे सक्रिय तस्करी नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। आने वाले दिनों में पूछताछ के आधार पर इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
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