Imran Khan: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान ने पाकिस्तान में युवाओं और छात्रों से लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने की अपील की है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने भारत का उदाहरण देते हुए कहा कि पड़ोसी देश में छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार को प्रतिक्रिया देनी पड़ी, जबकि पाकिस्तान में सत्ता पक्ष जनता की आवाज को अनदेखा कर रहा है।
Imran Khan: भारत का उदाहरण देकर युवाओं को किया संबोधित
अपने संबोधन में अलीमा खान ने कहा कि भारत में युवाओं और बच्चों ने अपने अधिकारों की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। उनके अनुसार, विरोध के दौरान बल प्रयोग की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन बाद में सरकार को प्रतिक्रिया देनी पड़ी और जवाबदेही तय करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के युवाओं को भी अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आगे आना चाहिए और अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए।
Imran Khan: सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप
अलीमा खान ने पाकिस्तान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में सत्ता में बैठे लोग जनता के प्रति जवाबदेह नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गंभीर घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार लोग पद नहीं छोड़ते और न ही जवाबदेही स्वीकार करते हैं।
"Look at India, where children came out to demand their rights, and Modi had to grant them those rights. When these children were subjected to a baton charge, the government apologized and a minister resigned. Here, not even a shameless person resigns."
— Pakistan Strategic Watch (@PakStratWatch) July 30, 2026
— Aleema Khan pic.twitter.com/IgYpfOd6gK
उन्होंने अपने भाषण में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के प्रति जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है, लेकिन पाकिस्तान में ऐसा देखने को नहीं मिल रहा।
Imran Khan: इमरान खान की गिरफ्तारी का भी किया जिक्र
जनसभा के दौरान अलीमा खान ने अपने भाई और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान लंबे समय से जेल में बंद हैं और वे लगातार उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को राजनीतिक बता रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि उनके भाई पिछले एक वर्ष से जिन मुद्दों को उठा रहे थे, वे अब पाकिस्तान में चर्चा का विषय बन चुके हैं।
Imran Khan: पाकिस्तान में युवाओं से आंदोलन की अपील
अलीमा खान ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के युवाओं, विशेषकर नई पीढ़ी से लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में बदलाव के लिए युवाओं की भागीदारी जरूरी है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भूमिका सबसे अहम होती है।
उनके बयान को पाकिस्तान में युवाओं को सक्रिय राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने की अपील के रूप में देखा जा रहा है।
Imran Khan: लगातार रैलियां कर रही हैं अलीमा खान
इमरान खान के जेल में रहने के बाद अलीमा खान देश के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं और कार्यक्रम कर रही हैं। इन सभाओं में वह अपने भाई की रिहाई, राजनीतिक अधिकारों और पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि पीटीआई नेतृत्व की अनुपस्थिति में अलीमा खान पार्टी समर्थकों के बीच सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
Imran Khan: पीओके के रावलकोट गोलीकांड पर भी उठाए सवाल
अलीमा खान ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रावलकोट में हुई गोलीबारी की घटना पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने सवाल उठाया कि निहत्थे नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश किसने दिया और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अलीमा खान ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पारदर्शी जांच होना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए आवश्यक है।
Imran Khan: पाकिस्तान की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी
अलीमा खान के हालिया बयान ऐसे समय आए हैं जब पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है। एक ओर पीटीआई नेतृत्व सरकार और सुरक्षा संस्थानों पर सवाल उठा रहा है, वहीं सरकार अपने फैसलों और कार्रवाई को कानून के दायरे में बता रही है। ऐसे में आने वाले समय में पाकिस्तान की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
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