World Sickle Cell Day भव्य स्वागत के बाद प्रदर्शनी का किया निरीक्षण
‘विश्व सिकल सेल दिवस’ के विशेष अवसर पर देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु खंडवा जिले के धार्मिक स्थल ओंकारेश्वर पहुंचीं। यहाँ आगमन पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान राष्ट्रपति ने ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047’ के तहत आयोजित एक विशेष राज्य-स्तरीय प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने राज्य में इस बीमारी के खात्मे के लिए चलाए जा रहे विभिन्न जन-जागरूकता अभियानों और नए प्रयोगों की विस्तृत जानकारी ली।

World Sickle Cell Day आधुनिक तकनीकों और योजनाओं से राष्ट्रपति को कराया अवगत
प्रदर्शनी के दौरान चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के अधिकारियों ने राष्ट्रपति को बताया कि प्रदेश में सिकल सेल की रोकथाम के लिए किस तरह काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि मरीजों की समय पर पहचान के लिए स्क्रीनिंग अभियान, जेनेटिक काउंसिलिंग, सिकल सेल मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही पीड़ितों को पूरी तरह मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। इसके अलावा, जनजातीय कार्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स और महिला एवं बाल विकास विभाग की ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ व पोषण अभियानों की प्रगति को भी प्रदर्शित किया गया, जिनकी राष्ट्रपति ने जमकर तारीफ की।
World Sickle Cell Day क्या है सिकल सेल बीमारी और क्या है इसका लक्ष्य?
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ने इस अभियान से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों और सिकल सेल मित्रों के साथ संवाद किया और उनके साथ एक ग्रुप फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान चर्चा में बताया गया कि सिकल सेल एक आनुवंशिक (जेनेटिक) रक्त संबंधी बीमारी है, जो माता-पिता से बच्चों में ट्रांसफर होती है। इसमें शरीर की लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) गोल होने के बजाय हंसिए (Sिकल) के आकार की हो जाती हैं, जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन का बहाव ठीक से नहीं हो पाता और नसें ब्लॉक होने लगती हैं। केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार मिलकर साल 2047 तक देश से इस बीमारी को पूरी तरह खत्म करने के संकल्प पर काम कर रही हैं।
Read this: Rajasthani Baati Recipe : बिना ओवन और कंडे जलाए घर पर बनाएं खस्ता राजस्थानी बाटी, जानें आसान रेसिपी





