Naib Tehsildar Dispute : घटना के तीन दिन बाद भी घमासान जारी; विधायक बोले— “कानून का सम्मान करते हुए खुद दूंगा गिरफ्तारी”
REPORT : DINESH GUPTA
Naib Tehsildar Dispute : छत्तीसगढ़ के सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के बीच उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी यह मामला प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में पूरी तरह सुर्खियों में बना हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम में सस्पेंस उस वक्त और बढ़ गया जब विधायक रामकुमार टोप्पो ने सार्वजनिक रूप से कानून का सम्मान करते हुए खुद अपनी गिरफ्तारी देने की बात कही। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस फैसले से उनके समर्थक बेहद नाराज हैं और कार्यकर्ता अब उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
Naib Tehsildar Dispute : कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल का बड़ा बयान— “भाजपा सरकार में कानून सबके लिए समान”

इस हाई-प्रोफाइल विवाद पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री व अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल ने भी अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया दी है। मंत्री ने विधायक टोप्पो के कदम की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा शासन में कानून सबके लिए बराबर है, चाहे वह कोई आम नागरिक हो या कोई बड़ा जनप्रतिनिधि। उन्होंने कहा कि विधायक द्वारा स्वयं आगे बढ़कर गिरफ्तारी देने की बात कहना समाज और व्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक संदेश है।
Naib Tehsildar Dispute : हड़ताली अधिकारी-कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने विरोध स्वरूप हड़ताल पर गए राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी हड़ताल खत्म करने की अपील की है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “जब एक मौजूदा जनप्रतिनिधि स्वयं कानून का पालन करने और जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है, तो अधिकारियों को भी अपनी जिद छोड़ देनी चाहिए। कर्मचारियों को अपनी हड़ताल तुरंत समाप्त कर जनता के हित में काम पर वापस लौट आना चाहिए।” उन्होंने याद दिलाया कि इस सरकार में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और पूर्व में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जा चुकी है।
Naib Tehsildar Dispute : क्या मोड़ लेगा यह सियासी और प्रशासनिक विवाद?
विधायक रामकुमार टोप्पो के बयानों और उनके समर्थकों की बढ़ती सक्रियता ने इस पूरे मामले को छत्तीसगढ़ की सियासत के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब प्रशासनिक हलकों से लेकर आम जनता के बीच केवल यही एक सवाल तैर रहा है कि विधायक टोप्पो अपनी गिरफ्तारी कब, कहाँ और किन परिस्थितियों में देते हैं। वहीं दूसरी ओर, समर्थकों के उग्र रुख को देखते हुए पुलिस और स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद और अलर्ट नजर आ रहा है।
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