Bhopal : ट्विशा शर्मा डेथ केस: कोर्ट ने पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को 5 दिन की CBI रिमांड पर भेजा; ‘टनल व्यू’ तकनीक से रीक्रिएट होंगे अंतिम पल

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Bhopal

Bhopal : भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मर्डर केस/डेथ केस में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को एक बड़ी कामयाबी मिली है। भोपाल की विशेष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मृतका के पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह को 2 जून 2026 तक यानी 5 दिनों के लिए सीबीआई की रिमांड में सौंप दिया है। जांच एजेंसी अब दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी, ताकि मौत के पीछे छिपी पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके।

Bhopal 6 घंटे की पूछताछ के बाद सास गिरफ्तार, पति की रिमांड बढ़ी

केस में पिछले 24 घंटों के भीतर तेजी से घटनाक्रम बदला है:

  • सास की गिरफ्तारी: सीबीआई की टीम ने गुरुवार को करीब 6 घंटे की मैराथन पूछताछ के बाद मृतका की सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया था, जिन्हें आज कोर्ट में पेश किया गया।
  • पति की बढ़ी रिमांड: ट्विशा का पति समर्थ पहले से ही 7 दिनों की सीबीआई रिमांड पर था, जिसकी अवधि आज (29 मई) समाप्त हो रही थी। सीबीआई ने कोर्ट से दोनों को एक साथ रिमांड पर देने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने समर्थ की रिमांड को 5 दिन के लिए और बढ़ा (Extend) दिया।

Bhopal ‘टनल व्यू’ तकनीक से रीक्रिएट होंगे ट्विशा के अंतिम पल

एडवांस फॉरेंसिक जांच: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सीबीआई की जांच टीम भोपाल के कटारा हिल्स स्थित उनके आवास पर ट्विशा शर्मा के जीवन के अंतिम घंटों को वर्चुअली रीक्रिएट करने के लिए एक उन्नत ‘टनल व्यू जांच दृष्टिकोण’ (Tunnel View Investigation Approach) का इस्तेमाल कर रही है।

जांचकर्ता ट्विशा की मृत्यु से ठीक पहले की मिनट-दर-मिनट की एक केंद्रित टाइमलाइन तैयार कर रहे हैं, जिसके तहत निम्नलिखित पहलुओं को खंगाला जा रहा है:

  1. डिजिटल मैपिंग और खाका: घर के भीतर की फॉरेंसिक मैपिंग, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) को मिलाकर पूरे बंगले का एक वर्चुअल खाका तैयार किया जा रहा है।
  2. विसंगतियों की पहचान: कैमरों, इंटरनेट उपयोग और फोन गतिविधि के टाइमस्टैम्प को आपस में सिंक करके एक सिम्युलेटेड वॉकथ्रू बनाया जाएगा। इससे आरोपियों के बयानों में मौजूद विरोधाभास और समय के अंतराल (Time Gap) को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।

Bhopal सबूतों को नष्ट करने की भी होगी जांच

सीबीआई इस बिंदु पर भी विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है कि क्या वारदात को अंजाम देने के बाद सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ की गई थी। साइबर एक्सपर्ट्स की मदद से यह जांचा जा रहा है कि क्या घटना के बाद आरोपियों के फोन या अन्य डिवाइस से किसी तरह के डिजिटल साक्ष्य, मैसेज या कॉल लॉग को डिलीट या हाइड किया गया था।

इस वर्चुअल रिकंस्ट्रक्शन के जरिए सीबीआई यह साफ करना चाहती है कि ट्विशा के अंतिम पलों में उनके साथ क्या हुआ था, क्या उनके साथ कोई जबरदस्ती की गई थी या फिर मौत के बाद क्राइम सीन को बदलने की कोशिश की गई थी।

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